जिले में कोसी नदी, रामगंगा, भाखड़ा और पीलाखार नदियों में अवैध खनन हो रहा है। स्वार-टांडा में सख्ती के बाद भी खनन बंद नहीं है, तो बिलासपुर और मिलक, शाहबाद में अवैध खनन ने तेजी पकड़ ली है। हर रोज करीब 80 लाख रुपये का खनन करके राजस्व को चोट पहुंचाई जा रही है। थानों को महीना बांधकर खनन धंधेबाज नदियों को खोखला कर रहे हैं।
जिले में अवैध खनन करने वाले माफिया का राज चल रहा है। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त खनन माफिया जिले की नदियों में खनन करके नदियों को खोखला कर रहे हैं। इस मामले में कोसी नदी के स्वार और टांडा इलाके में अवैध खनन का अमर उजाला द्वारा पर्दाफाश करने के बाद कार्रवाई तेज हो गई है लेकिन इसके बाद खनन माफिया ने अब भाखड़ा और पीलाखार नदी में भी खनन तेजी से शुरू कर दिया है।
नए ठिकानों पर अवैध खनन का फार्मरों ने विरोध किया तो उन्हें भी धमकियां मिली हैं। इसकी शिकायत डीएम और एसपी से की जा चुकी है। बिलासपुर तहसील प्रशासन और पुलिस अवैध खनन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, इससे उनकी भूमिका पर संदेह हो रहा है।