क्षेत्र के गांव में एक मकान गिरने से तीन बच्चे दब गए,जिसमें एक की मौत हो गई जबकि दो बालिकाओं की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। मामले की सूचना मिलने के बाद एसडीएम मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने अफसरों को तत्काल सहायता पहुंचाने के भी निर्देश दिए हैं।
पटवाई थाना क्षेत्र के सहविया खुर्द गांव में गुरमीत का मकान बुधवार की सुबह करीब दस बजे उस वक्त अचानक भर भराकर गिर गया जब गुरमीत के दो बच्चे अपने साथियों के साथ घर में ही खेल रहे थे। पहले मकान की दीवार ढहने लगी,इसके बाद उस पर पड़ी सीमेंट की चादर भी नीचे आकर गिर गई। दीवार और सीमेंट की चादर अचानक गिर जाने के बाद मलबे में तीन बच्चे दब गए। बच्चों की चीख और दीवारें गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। घटना से अफ़रातफ़री का माहौल पैदा हो गया।
पूरा गांव घटना स्थल पर एकत्र होकर मलबे को हटाने में जुट गए। मलबे में गुरमीत का चार साल का बेटा कमलदीप, छह साल की कुश मनप्रीत और पड़ोसी बृजपाल की बेटी बेटी कुश निशा दब गई। लोगों ने तीनों को किसी तरह बाहर निकाला। घटना में गुरमीत के बेटे कमलदीप की मौत हो गई,जबकि कुश मनप्रीत और कुश निशा घायल हो गईं। घायलों को आनन-फानन में जिला अस्पताल भिजवाया।
मामले की सूचना मिलते ही पटवाई पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले की जानकारी आला अफसरों को दी। सूचना पाकर एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी भी मौके पर पहुंच गए और मौका मुआयना भी किया। ग्रामीणों के अनुसार पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण गुरमीत के मकान की दीवार में पानी बैठ गया होगा,जिसकी वजह से यह हादसा हुआ होगा।
क्षेत्र के गांव पीपला और खिरका में दो मकान भरभराकर गिर पड़े। जिसमे एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। लेकिन मलवे में घर का सामान दब गया। कोई हताहत नहीं हुई है। बरसात में जबरदस्त तरीके से हो रही बारिश में क्षेत्र में कई मकान गिर गए है। इसी क्रम में क्षेत्र के गांव पीपला में कमाल हुसैन का मकान भरभराकर गिर पड़ा। मकान गिरने से पहले उस मकान में बच्चे खेल रहे थे। देखते देखते मकान भरभराकर गिर गया।
इस मकान के मलवे में घर का सामान, संदूक आदि दब गए है। कमाल हुसैन के अनुसार इसका लगभग बीस हजार का नुकसान हुआ है। दूसरी और क्षेत्र के गांव खिरका में सज्जाद का मकान की खपरैल गिर गई। सज्जाद एक भूमिहीन व्यक्ति है। ओर सज्जाद के पास रहने के लिए कोई दूसरा मकान नही है। सज्जाद के अनुसार लगभग 50 हजार का नुकसान हुआ है।