रामपुर। चर्चित कारतूस कांड में शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश करने के लिए कोर्ट से समय मांगा गया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 09 दिसंबर को होगी।
10 अप्रैल 2010 को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के राम-रहीम सेतु के पास से एसटीएफ की टीम ने सीआरपीएफ के दो हवलदारों को गिरफ्तार कर कारतूस कांड का खुलासा किया था। इस मामले में गिरफ्तार किए आरोपियों की निशानदेही पर ही इलाहाबाद पीएसी से रिटायर्ड एक दरोगा, मुरादाबाद पीटीसी के एक आर्मर समेत बस्ती, गोंडा, बनारस समेत कई जिलों से पुलिस व पीएसीके आरमोरर को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश के बाद इस प्रकरण की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। ज्यादातर आरोपी इस वक्त जमानत पर चल रहे हैं। ट्रायल के दौरान पीएसी के एक रिटायर्ड दरोगा की मौत हो चुकी है। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे द्वितीय अमित वीर सिंह की कोर्ट में चल रही है। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 09 दिसंबर को होगी।