रामपुर। सपा नेता आजम खां से जुड़े रामपुर पब्लिक स्कूल की फर्जी मान्यता के मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। गवाह के उपस्थित न होने पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित यतीमखाना बस्ती के रामपुर पब्लिक स्कूल से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2016 में स्कूल को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता दिलाई गई थी। इस संबंध में छह वर्ष पहले तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम सिंह राणा ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
जांच के दौरान सामने आया कि स्कूल भवन का निर्माण ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शे के कराया गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई अनियमितताओं का उल्लेख किया था। रिपोर्ट के अनुसार, मान्यता की फाइल में संलग्न अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) किसी अन्य विद्यालय की थी। जांच में बेसिक शिक्षा विभाग के तत्कालीन बाबू तौफीक अहमद की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने मोहम्मद आजम खां, उनकी पत्नी और तत्कालीन बाबू तौफीक अहमद के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। बुधवार को निर्धारित सुनवाई के दौरान गवाह तत्कालीन बीईओ प्रेम सिंह राणा कोर्ट नहीं पहुंचे, जिसके कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा ने बताया कि अब इस मामले की सुनवाई 19 अगस्त को होगी।