रामपुर। प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका को दबोचने और अश्लील हरकतें करने के मामले में बीएसए ने आरोपी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। साथ ही नगर शिक्षाधिकारी मुख्यालय को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रधानाध्यापक को जारी करने के आदेश दिए हैं। वहीं, इस मामले में 27 जुलाई को ही घटना की रिपोर्ट दर्ज हो गई थी, लेकिन पुलिस के स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मामला टांडा थाना क्षेत्र के एक परिषदीय स्कूल है। इस विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक व दो शिक्षिकाएं सेेवारत हैं। आरोप है कि प्रधानाध्यापक द्वारा एक सहायक अध्यापिका पर बहुत समय से बुरी नजर रखी जा रही थी। इस बीच 27 जुलाई की दोपहर के समय एक सहायक अध्यापिका शौचालय गईं, तो प्रधानाध्यापक शौचालय के दरवाजे पर पहुंच गया और जैसे ही सहायक अध्यापिका बाहर निकलीं, तो उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया। इसके बाद एकांत स्थित कमरे में ले गया, जहां उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। सहायक अध्यापिका किसी तरह उसके चंगुल से छूटकर चीखते हुए वहां से भाग निकली। संयोग से इसी दौरान दूसरी सहायक अध्यापिका भी आ गईं और वो उनसे लिपटकर रोने लगी। घटना से आहत सहायक अध्यापिका ने घटना की शिकायत जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से कर दी। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए खंड शिक्षाधिकारी विजय कुमार को जांच के आदेश दिए। वहीं, पीड़िता की ओर से आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कोतवाली टांडा में तहरीर दे दी गई थी, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
अब जांच पूरी होने के बाद बुधवार को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कल्पना सिंह ने प्रधानाध्यापक मोहम्मद आसिफ को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच कर आरोपी प्रधानाध्यापक को 15 दिन के भीतर आरोपपत्र देने के आदेश दिए हैं।