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आसुरी शक्तियों पर विजय पाने को हनुमान जी ने की श्री राम की सहायता

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रामपुर। शक्तिपुरम कालोनी स्थित श्री त्रिपुरेश्वरी शक्ति पीठ में हनुमत जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान श्रीत्रिपुरेश्वरी शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. राधेश्याम वासंतेय ने बजरंग बली के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से यह महापुरुष आज भी अपने राम तत्व का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा राष्ट्र के हित, समाज का नियोजन, दास भाव का श्रेष्ठ स्थापन, वीर सैनिक बनकर दिशा-निर्देश करना हनुमान जी का धर्म रहा है। यह सात चिरजीवियों में गिने जाते हैं। अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और भगवान परशुराम ये सभी चिरंजीवी हैं, अर्थात अजर अमर है। मां अंजनी के गर्भ से इनका अवतार हुआ। इन्होंने समय-समय पर भक्तों की सहायता कर मानवीय संवेदनाओं को पुष्पित, पल्वित किया। जन साधारण के लिए वह सदगुरु के रूप में काम करते हैं। जन्मोत्सव पर सभी साधकों ने पूजन अर्चन किया। शक्तिपीठ में हनुमान जी का जन्मोत्सव एवं हनुमत स्थापना दिवस श्री रामचंद्र जी, श्री लक्ष्मण जी, सीता माता के सहित रामपरिवार की स्थापना का दिवस भी मनाया गया।
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