रामपुर। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी-स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) के अधिकारियों के छापे से दवा विक्रेताओं व निजी हॉस्पिटल संचालकों के बीच बृहस्पतिवार को हड़कंप मच गया। सात टीमों ने दोपहर 12 बजे से दवा प्रतिष्ठानों पर मौजूद माल और बिक्री की गई दवाओं से संबंधित कागजों और जमा टैक्स का मिलान किया। मेहंदी रत्ता मेडिकल स्टोर से अधिकारियों ने करीब 3.50 लाख रुपये का टैक्स जमा भी करा लिया है।
कार्रवाई में शामिल अधिकारियों का कहना है कि संबंधित सभी दवा व्यापारी और हॉस्पिटल संचालक पिछले काफी समय से टैक्स नहीं दे रहे थे। इस बात की पुष्टि जीएसटी पोर्टल पर भी हुई है। जीएसटी पोर्टल की निगरानी में अधिकारियों ने रामपुर जिले के दवा व्यवसाइयों और हॉस्पिटल संचालकों को चिह्नित कर लिया था। जिनके यहां छापेमारी हो रही है।
पुलिस बल की मौजूदगी में राज्यकर अधिकारियों की टीमें दवा प्रतिष्ठानों एवं निजी हॉस्पिटलों में टैक्स से संबंधित एक-एक बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही हैं। डिप्टी कमिश्नर एसआईबी विकास चौधरी के नेतृत्व वाली टीम आदर्श कॉलोनी सिविल लाइन में रामलीला मैदान के सामने स्थित आहूजा एजेंसी पर दोपहर 12 बजे से जांच कर रही है जोकि जारी है। इस टीम में असिस्टेंट कमिश्नर चरन सिंह भी हैं।
इसके अलावा मेहंदी रत्ता मेडिकल स्टोर के प्रतिष्ठान पर असिस्टेंट कमिश्नर एसआईबी रणंजय सिंह के नेतृत्व में टीम लगी हुई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दवाओं के थोक विक्रेता आहूजा एजेंसी के यहां काफी माल बिक्री कर लिया गया और टैक्स अदायगी नहीं की गई है। हालांकि, अधिकारी समाचार लिखे जाने तक दवा के व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं हॉस्पिटलों पर जांच कर रहे थे।
इन प्रतिष्ठानों पर चल रही एसआईबी की जांच
थोक दवा विक्रेता आहूजा एजेंसी, महाकाल ड्रग्स हाउस, अल्फा मैक्स हॉस्पिटल, नोवा हॉस्पिटल, केयर हॉस्पिटल और मेहंदी रत्ता मेडिकल स्टोर एवं बाबा मेडिकल स्टोर।