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Rampur News: कार की टक्कर से स्कूटी सवार पोते की मौत, दादा घायल

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मसवासी (रामपुर)। रामपुर -बाजपुर राजमार्ग स्थित मोतीपुरा गांव के सामने शनिवार सुबह करीब सवा सात बजे तेज रफ्तार कार चालक ने स्कूटी सवार युवक जय सिंह (18) और उसके दादा भगवत शरण को टक्कर मार दी, जिससे जय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भगवत शरण गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना में कार और स्कूटी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए कार चालक को पीटना शुरू कर दिया। प्रधान समेत कुछ लोगों ने भीड़ के चंगुल से किसी तरह से उसे बचाया और पुलिस को सौंप दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रधान की गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया, काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
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नगर पंचायत मसवासी के मोहल्ला भूबरा वार्ड-11 निवासी भगवत शरण सब्जी की दुकान चलाते हैं। वह शनिवार की सुबह लगभग छह बजे अपने पौत्र जय सिंह को साथ लेकर स्वार स्थित मंडी से सब्जी खरीदने गए थे। वापिस लौटते समय लगभग सवा सात बजे बाजपुर मार्ग स्थित मोतीपुरा गांव के सामने से स्कूटी से गुजर रहे थे। लोगों ने बताया कि इसी दौरान बाजपुर दिशा से आ रही तेज रफ्तार कार चालक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। जिससे दादा -पौते बीच मार्ग पर गिर कर लहू-लुहान हो गए। तमाम ग्रामीण दुर्घटना स्थल पर आ गए। दुर्घटना में जय सिंह की मौत हो गई, जबकि भगवत शरण गंभीर घायल अवस्था में थे।
दुर्घटना से गुस्साए लोगों ने कार चालक को पकड़ लिया और पिटाई शुरू करदी। इस दौरान लोगों को शांत कराने के दौरान कुछ लोगों ने ग्राम प्रधान की गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया। प्रधान समेत भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने कार चालक को किसी तरह भीड़ के चंगुल से बचाया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर कोतवाल संदीप त्यागी और मसवासी चौकी इंचार्ज राहुल कुमार पुलिस बल के साथ आ गए। उन्हें कार चालक सौंप दिया गया। पुलिस ने हंगामा कर रही भीड़ को किसी तरह शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घायल को इलाज के वास्ते हायर सेंटर भिजवा दिया गया है। दुर्घटना में कार और स्कूटी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है।
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कार की टक्कर में काल के गाल में समाने वाला किशोर जय सिंह पुत्र संजय मीणा परिवार का चहेता था। परिवार में जय सिंह बड़ा बेटा था, जो नगर के सर्वहितकारी इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था। इसके साथ ही जय सिंह नगर के मुख्य बाजार में स्थित अपने दादा भागवत शरण की सब्जी की दुकान पर भी उनका हाथ बंटाता था और वेल्डिंग का काम भी सीख रहा था। लोगों ने बताया कि जय सिंह बहुत मेहनती था। जबकि उसके पिता नगर की प्लाइवुड की दुकान पर काम करते हैं। जय सिंह की बड़ी बहन की दो महीने पहले ही शादी हुई है। जबकि उसका एक छोटा भाई गौरव भी पढ़ाई कर रहा है। जय सिंह विनम्र स्वभाव का था, जिसके चलते वह पूरे परिवार का लाडला था। उसकी आकस्मिक मौत से पूरा परिवार सदमे में है। परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है। मां तो कई बार रोते -रोते बेसुध हो गई। शाम को जब पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो चीत्कार मच गया। जय सिंह का अंतिम संस्कार में तमाम रिश्तेदारों और लोगों की भीड़ उमड़ आई।
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