फर्जी जाति प्रमाण-पत्र लगाकर नामांकन करने का मामला पकड़ में आने पर आने पर आरओ ने मां और बेटे के नामांकन को निरस्त कर दिया। ग्राम पंचायत अकौंदा का प्रधान पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है। प्रधान पद के लिए मां और बेटे ने नामांकन दाखिल किया था।
गांव निवासी निवासी बद्रीप्रसाद ने आरोप लगाया था कि नामांकन में दर्शाया गया झोझा जाति का प्रमाण-पत्र फर्जी है। उन्होंने जांच कराकर पर्चा निरस्त करने की मांग की। मामला आरओ अनिल वर्मा तक पहुंचा। उन्होंने तहसील प्रशासन से रिपोर्ट मांगी। तहसीलदार ने जाति प्रमाण-पत्र फर्जी पाए जाने पर निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज दी।
रिपोर्ट मिलने पर आरओ ने शहनाज बेगम और फिरोज अफसर का नामांकन निरस्त कर दिया। आरओ ने बताया कि दोनों के पर्चे जाति प्रमाण-पत्र फर्जी पाए जाने पर निरस्त कर दिए गए हैं। उधर, खानपुर जदीद के ग्रामीण आरओ से मिले और एक प्रत्याशी के पर्चे पर आपत्ति जताई। उनका कहना था अपमार्जित प्रत्याशी का पर्चा निरस्त कराया जाए।
वहीं, नई सूची में शामिल प्रत्याशी का नाम साजिशन हटाए जाने पर प्रत्याशी ने सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से गुहार लगाई है। कोटरा गांव के एक प्रत्याशी ने सूची से आखिरी समय में नाम गायब करने औैर डेढ़ सौ वोट काटने का आरोप लगाया है।