केंद्र सरकार की ओर से ज्वैलरी पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल रविवार को 12वें दिन भी जारी रही। सर्राफा बाजार में व्यापारियों ने इसे काला कानून बताते हुए पुतला फूंका और पुराना गंज में मीटिंग आयोजित की गई। ज्वालानगर सर्राफा कमेटी ने रिक्शा चलाकर विरोध प्रकट किया। ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में रविवार को व्यापारियों ने इसे काला कानून बताते हुए पुतला फूंका।
इसके बाद व्यापारी पुराना गंज पहुंचे जहां मीटिंग आयोजित की गई। मीटिंग के दौरान व्यापारियों ने ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में नारेबाजी की। व्यापारियों ने कहा कि जब तक कानून वापस नहीं हो जाता है उनकी हड़ताल जारी रहेगी। व्यापारी नेताओं ने 17 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की।
इस मौके पर राजीव सिंघल, विपुल अग्रवाल, धीरज सिंघल, विरेश सिंघल, अनमोल अग्रवाल, रिंकू अग्रवाल, विकास अग्रवाल, राजा अग्रवाल, परितोष चांदीवाला, देवेंद्र सिंह, सुधीर अग्रवाल, प्रेम किशोर, आरिफ, मुकेश आर्य, चंद्र प्रकाश, श्याम शर्मा, नितिन आर्य, रवि प्रकाश व विनोद सहित अन्य कई सर्राफा कारोबारी मौजूद रहे। वहीं, ज्वालानगर सर्राफा कमेटी ने ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी के विरोध में रिक्शा चलाया।
इस मौके पर कमल किशोर रस्तोगी ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी से सर्राफा कारोबारियों का कारोबार चौपट हो जाएगा और उनको रिक्शा चलाने पर मजबूर होना पड़ेगा।