धमोरा (रामपुर)। एल्कोहल प्रकरण के तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठा था, जिसके बाद शहजादनगर के तत्कालीन थाना प्रभारी और धमोरा चौकी के प्रभारी को हटा दिया गया था। इस मामले में पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच डीआईजी बरेली कर रहे हैं।
एसटीएफ ने 13 जून को शहजानगर थाना क्षेत्र कमोरा में एक गोदाम से 25 हजार लीटर एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल (ईएनए) जब्त किया था। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपियों ने बताया था कि वह दूसरे प्रदेश की डिस्टलरियों से ईएनए मंगाकर इसकी सप्लाई रामपुर और इसके आसपास के शहरों में शराब के अवैध कारोबारियों को करते थे। इसमें एसटीएफ ने भी माना था कि पूरे प्रकरण में पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका संदिग्ध थी। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने शहाजदनगर थाना के तत्कालीन प्रभारी सत्येंद्र कुमार को लाइन हाजिर कर धमोरा चौकी प्रभारी अनुराग चौधरी को हटा दिया था। रविवार को इस मामले में शहजादनगर थाना पुलिस ने मौके से पकड़े गए तीनों आरोपी राजेन्द्र सक्सेना उर्फ राजू, अखिलेश मौर्य और राजेंद्र पर गैंगस्टर की कार्रवाई की है। शहजादनगर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।