रामपुर। अपने पशुओं को मच्छरों से बचाने के लिए किसान ने पंखा लगाया था। उसे क्या पता था कि यह पंखा ही पशुओं के लिए जानलेवा साबित होगा। रात में किसी समय पंखे में शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई। इस आग से किसान के चार दुधारू पशु जल गए। ये पशु किसान की रोजी-रोटी का सहारा थे। खुद से ज्यादा अपने पशुओं की हिफाजत करने वाला किसान अब सदमे में है। वह बार-बार घर में बनी पशुशाला की ओर जाता है और मायूस निगाहों से पशुशाला की ओर देखता है। पशुओं को वहां न पाकर उसकी आंखें भर आती हैं।मामला क्षेत्र के बब्बरपुरी गांव का है। यहां रहने वाला अकबर अली पेशे से खेहितर मजदूर है। परिवार के पालन-पोषण के लिए घर में ही दुधारू पशु पाल रखे थे। बुधवार शाम किसान ने पशुओं को चारा और पानी दिया और अपने दूसरे काम करने लगा। बाद में अचानक ख्याल आया कि पशुओं के पास गर्मी और मच्छरों से बचाने के लिए पंखा लगा दिया जाए। उसने एक पंखा पशुशाला में लगा दिया।
अली ने बताया कि रात में किसी समय शॉर्ट सर्किट से पशुशाला में आग लग गई। जब सुबह वह वहां पहुंचा तो चारों पशु आग की चपेट में आकर जान गंवा चुके थे। यह देखकर वह बेसुध हो गया। उसने बताया कि पहले पशुशाला में रखे कबाड़ में आग लगी और उसके बाद आग ने पशुओं को अपनी चपेट में ले लिया।
पशुओं की मौत हो जाने से अकबर के साथ-साथ उसका परिवार भी सदमे में है। परिवार पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उसने डीएम से आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है।