कोर्ट से बरी होने के बाद नवेद मियां
- फोटो : अमर उजाला
यूपी सरकार के पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को कोर्ट ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप से बरी कर दिया है। इस मामले में निचली अदालत ने 01 अगस्त को उनको तीन माह की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। नवेद मियां ने इस फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी। जिस पर बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर दिया है और नवेद मियां को बरी कर दिया है।
2015 में पंचायत चुनाव के दौरान तत्कालीन खंड विकास अधिकारी स्वार दयाराम ने थाना अजीमनगर में 25 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद ग्राम पंचायत सोनकपुर के मझरा चांद में सोसाइटी से नूरी मस्जिद तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण का उद्घाटन नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अपने समर्थकों सहित किया था। साथ ही उन्होंने सीसी रोड निर्माण की घोषणा की थी। आरोप है कि इससे पंचायत चुनाव की आचार संहिता का उल्लंघन हुआ। पुलिस ने विवेचना करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
इस मामले में निचली अदालत ने 01 अगस्त को नवेद मियां को तीन माह की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ नवेद मियां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल में बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। उनके अधिवक्ता एसएस कपूर और अमित कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद नवेद मियां की अपील को स्वीकार करते हुए निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर दिया है। साथ ही नवेद मियां को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से बरी कर दिया है।