रामपुर। सपा नेता आजम खां के खिलाफ गवाह को धमकाने के मामले में बुधवार को गवाह के नहीं आने से सुनवाई नहीं हो सकी। मुकदमे में पूर्व शहर कोतवाल गजेंद्र पाल त्यागी की गवाही होनी थी। पिछली तारीख पर कोर्ट ने उनके वारंट जारी किए थे। इसके बावजूद वह इस बार भी गवाही के लिए नहीं पहुंचे। अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर नियत की गई है।
गवाह को धमकाने का मामला मुहल्ला बेरियान निवासी नन्हे की ओर से दर्ज कराया गया था। उन्होंने 17 अगस्त 2022 को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें कहा था कि वह डूंगरपुर प्रकरण के एक मामले में वादी हैं। डूंगरपुर प्रकरण में भी आजम खां आरोपी हैं।
घटना के दिन कुछ लोग उनके घर आए थे। उन्होंने आजम खां के खिलाफ गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर आजम खां समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे।
यह मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रहा है। इसमें आजम खां व अन्य पर आरोप तय हो चुके हैं। गवाही की प्रक्रिया चल रही है। अभियोजन ने इसमें पूर्व कोतवाल को भी गवाह बनाया है। वह घटना के समय शहर कोतवाली के प्रभारी थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वह कई तारीखों से कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं।
एडीजीसी सीमा राणा के अनुसार, इस मामले में गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं, जिस पर उनके खिलाफ पूर्व में जमानती वारंट जारी है। उनके पेश न होने से इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 16 सितंबर को होगी।