रामपुर। चंद्रपुर खुर्द गांव में बुधवार को किसान के ऊपर तेंदुए ने हमला कर दिया था। हमले में किसान जख्मी हो गए थे। जिसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार को वन विभाग ने गांव और क्षेत्र में कांबिंग की। पूरा दिन तेंदुए की तलाश जारी रही लेकिन टीम को तेंदुआ या उसके निशान कहीं नहीं मिले। वहीं, क्षेत्र के ग्रामीण तेंदुए की दहशत से अपने खेतों में काम करने नहीं गए।चंद्रपुर खुर्द गांव निवासी जसवीर किसान है। वह पशुओं के लिए भूसा खरीदने अपने भतीजे राजू और भांजा चरन सिंह के साथ जंगल गया था। जसवीर के अनुसार बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे वह अपने भांजे और भतीजे को छोड़कर कुछ दूरी पर चले गए थे। इस दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उसपर हमला कर दिया था।
हमले में तेंदुए ने किसान जसवीर के कंधे के ऊपर तीन जगह प्रहार किया था। चीख-पुकार पर भतीजे और भांजे दौड़े थे। तब तेंदुआ ललवारा गांव की ओर भाग गया था। घायल अवस्था में किसान को तुरंत शाहबाद सीएचसी में प्राथमिक उपचार दिलाया था। अब किसान का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
सूचना के बाद डीएफओ राजीव कुमार ने वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा था। बृहस्पतिवार को गठित वन विभाग की टीम ने चंद्रपुर खुर्द गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की। वन विभाग को शक है कि हमला करने वाला तेंदुआ नहीं, बल्कि कोई और जंगली जानवर था। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र के जंगलों में अपने खेतों पर काम करने नहीं गए। इलाके में दहशत बरकरार है।
एक टीम गठित करके गांव में भेजी गई थी। तेंदुए के आने की पुष्टि नहीं हो पाई है। जो ग्रामीण घायल है, उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जब तेंदुआ हमलावर होता है, तो पंजे भी मरता है। पंजे के निशान घायल के शरीर पर नहीं है। -धर्मेंद्र कोहली, डिप्टी वन रेंजर वन विभाग, शाहबाद