लापरवाही पर 13 से ज्यादा शिक्षकों पर शिकंजा कसा गया है। बीएसए ने शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि इतने ही शिक्षकों का वेतन काट दिया गया। तीन शिक्षकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। परिषदीय स्कूलों मे शिक्षक खूब लापरवाही कर रहे हैं। कोई स्कूल देर से पहुंच रहा है तो कोई स्कूल ही नहीं जा रहा है।
इसका खुलासा अफसरों के निरीक्षण के दौरान सामने आया है। पिछले दिनों खंड शिक्षाधिकारियों की ओर से किए गए निरीक्षण में 13 से ज्यादा शिक्षक फंस गए हैं। बीएसए ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएसए ने बिलासपुर के मुस्तफाबाद के शिक्षक विनोद सिंह को निलंबित कर दिया।
उन पर बीएलओ रहते ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप है। पीपलसाना गांव में तैनात शिक्षक मोर सिंह, शाहबाद के सरकड़ा गांव निवासी जिले हसन, बिलासपुर क्षेत्र के रमेंद्र सिंह व स्वार क्षेत्र गुजारवाला के ऐबरन सिंह को भी सस्पेंड कर दिया।
मिलक के खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने मेहंदीनगर गांव की सुनीता, मझरा हसन गांव लता देवी, खेम सिंह, हरजीपुर की पूजा पंत का वेतन काटने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा पूनम गंगवार, सतवंत कौर व कल्पना सिंह को चेतावनी जारी कर दी है।
बीएसए एसके तिवारी ने साफ किया है कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खंड शिक्षाधिकारी मिलक की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री से जवाब तलब किया है। शिक्षक संघ के जिलामंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता के खिलाफ मिलक केखंड शिक्षाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति की थी।