रामपुर। कोविड-19 के संक्रमण की वजह से सात माह से बंद स्कूलों में दूसरे दिन मंगलवार को काफी कम बच्चे आए। हालांकि, बच्चों की संख्या पहले दिन से अधिक थी। वहीं, स्कूलों में बच्चों के प्रवेश से लेकर बाहर जाने तक के लिए कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन किया गया। सिर्फ दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं ही संचालित हो सकीं।
कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मार्च से स्कूल, कालेज बंद चल रहे थे। ऐसे में अब सात माह बाद सरकार ने 19 अक्तूबर से स्कूल खोलने की इजाजत दे दी थी। पहले चरण में नौवीं से बारहवीं कक्षाओं तक के स्कूल खुलने के निर्देश दिए गए थे। सरकार के निर्देशों और प्रशासन की गाइडलाइन के बाद स्कूलों की ओर से भी तैयारी पूरी कर ली गई थी। सोमवार स्कूलों के वाहन सड़कों पर नजर आए, लेकिन पहले दिन स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम रही। स्कूलों में बच्चों के प्रवेश से पहले उनके हाथों को सैनिटाइज कराया गया। थर्मल स्केनिंग की गई, जिसके बाद सब कुछ ठीक होने के बाद ही बच्चों को कक्षाओं में बैठाया गया। क्लासेज में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन किया गया। सीबीएसई स्कूलों में पहले दिन सिर्फ दसवीं और बारहवीं की कक्षाओं का संचालन किया गया, जबकि यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा नौ से बाहर तक की कक्षाएं लगाई गईं। जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि स्कूलों में कोविड-19 के नियमों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए।