रामपुर। बिलासपुर और स्वार क्षेत्र के किसानों को अब सिंचाई के लिए परेशान होना नहीं पड़ेगा। 25 साल से क्षतिग्रस्त पड़ा नाहल बैराज पुनर्निर्माण के बाद जल्द शुरू होने वाला है। इससे 38 गांवों के 12 हजार से अधिक किसानों के लिए फसलों की सिंचाई करना आसान हो जाएगा। जल्द ही बैराज का लोकार्पण किया जाएगा। चमरौआ क्षेत्र के पीपली वन में नवाबी दौर में नाहल नदी पर बने बैराज के पानी से किसानों की फसल लहलहाती थी। समुचित पानी मिलने पर किसानों के लिए खेती करना आसान था लेकिन देखरेख के अभाव में यह बैराज 1998-99 में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद इसे बंद कर दिया गया था। जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों के आगे सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था। किसान लगातार बैराज की मरम्मत कराने की मांग कर रहे थे। 2019 में भाजपा किसान मोर्चा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह के प्रयासों के बाद तत्कालीन कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसको बनवाने का प्रस्ताव दिया था। जिस पर 33 करोड़ से इसके पुनर्निर्माण को मंजूरी दी गई थी।
इसी बीच बैराज को लेकर वन विभाग और नहर विभाग का विवाद भी चला। जिससे काम लटक गया, लेकिन दो साल पहले काम तेजी के साथ शुरू हो गया। अब यह बैराज बनकर तैयार हो चुका है। इस बैराज से निकलने वाली नहरों से करीब 7186 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हेेगी। बैराज से एक बार फिर 38 गांवों के 12230 किसानों को इसका फायदा मिलेगा। जल्द ही बैराज का लोकार्पण कराकर इसे शुरू कराया जाएगा।
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बैराज से इन नहरों में जाता है पानी
बगी माइनर, नाहल, शंखा, लोटा, डांडी, अहमद नगर, नुसरत नगर फीडर।
किसान बोले
नाहल बैराज शुरू होने से सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा। इससे किसानों को काफी लाभ होगा। अभी तक कहीं-कहीं पर पानी मिल पाता था।
-रामस्वरूप गंगवार, ग्राम ऊधमपुर
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25 साल से उपेक्षा का शिकार रहा बैराज बनकर तैयार हो चुका है। इसकी काफी खुशी हो रही है। यह बैराज खुल जाने से सबसे अधिक बिलासपुर और स्वार के किसानों को पहुंचेगा।
-हरेंद्र सिंह, ग्राम सिहोर, बिलासपुर
नाहल बैराज तैयार हो गया है। अब किसानों को आसानी से खेती के लिए पानी मिल सकेगा। जल्द से जल्द इसे शुरू करवाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिले। -दर्शन लाल कंबोज, प्रधान, सालारपुर
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25 साल से खराब पड़ा नाहल बैराज अब शुरू होने वाला है। यह बैराज बनकर तैयार हो चुका है। इसको संचालित कराने के लिए सीएम कार्यालय को सूचना दे दी गई है। जल्द ही लोकार्पण कराकर इसको शुरू कराया जाएगा। क्षेत्र के किसानों के लिए फसलों की सिंचाई आसान हो जाएगी।
-सियाराम, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, रामपुर।