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लोअर कोर्ट फैसले के खिलाफ नवेद मियां ने जिला जज की कोर्ट में दाखिल की अपील

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रामपुर। पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ दर्ज आचार संहिता के उल्लंघन मामले में सुनाई गई सजा को जिला जज की कोर्ट में चुनौती दी है। उन्हें एक अगस्त को इस मामले में तीन माह के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी। फैसला सुनाए जाने के बाद उन्हें जमानत भी मिल गई थी।इस मामले की अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी।
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नवेद मियां बुधवार को अपने अधिवक्ता संदीप सक्सेना के साथ जिला न्यायालय पहुंचे और जिला जज की कोर्ट में लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर की। वर्ष 2015 में नवेद मियां के खिलाफ अजीमनगर थाने में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में एनसीआर दर्ज की गई थी। यह एनसीआर धारा 171 (च) और 3 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अंतर्गत दर्ज की गई थी। इस मामले में एक अगस्त को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आया था। जिसमें कोर्ट ने नवेद मियां को दोषी ठहराते हुए तीन माह के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। पूर्व मंत्री के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि इस आदेश के खिलाफ बुधवार को नवेद मियां ने अपने अधिवक्ता संदीप सक्सेना के माध्यम से जिला जज अचल सचदेव की कोर्ट में अपील दाखिल की है। अपील में नवेद मियां ने लोअर कोर्ट के आदेश को निरस्त किए जाने की मांग की है। जिला जज की कोर्ट ने अपील को स्वीकार करते हुए मामले को एडीजे चतुर्थ कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी।
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