मिलक (रामपुर)। हाईवे किनारे लोक निर्माण विभाग की जमीन पर हुए अवैध निर्माण और खरीद फरोख्त के बाद विभाग की नींद टूट गई है। रातों-रात हुए अवैैध निर्माण पर बुल्डोजर गरजा और दोनों निर्माणाधीन दुकानें तोड़ दी गईं। साथ ही हाईवे किनारे बनीं 11 दुकानों को हटाने के लिए तीन दिन की मौखिक चेतावनी दी है। वहीं, इस दौरान विरोध में आए एक सराफ की अफसरों से झड़प हो गई, इसके बाद पुलिस ने सराफ और अन्य तमाशबीनों को खदेड़ दिया। वहीं, अवैध कब्जा हटाने के दौरान लोक निर्माण का एक कर्मी गिरकर घायल हो गया।
नगर में हाईवे पर लोक निर्माण विभाग की भूमि और पानी निकासी के नाले की भूमि पर धड़ल्ले से होने वाले अवैध कब्जों को लेकर नगर पालिका प्रशासन और सार्वजनिक विभाग की एक मार्च को नींद उस समय टूटी थी, जब नाले पर कई अवैध कब्जेदारों की ओर से जमीन को बेचने का मामला प्रकाश में आया था। हाईवे किनारे रातोंरात दुकानों का निर्माण शुरू हो गया। किसी इस पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ को दे दी, इसके बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका मिलक और राजस्व विभाग की टीम को अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिए। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र सिंह, नगर पालिका मिलक के ईओ सीके सिंह समेत राजस्व विभाग के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद बुल्डोजर भी आ गया, जिसके बाद अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया। इस पर नाले पर बनी दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए। कार्रवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग का एक कर्मचारी गिरकर चोटिल हो गया। वहीं, दूसरी ओर एक दुकानदार ने कार्रवाई का विरोध किया, जिस पर अफसरों से झड़प हो गई। तब पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। दुकानदार का कहना था कि अवैध कब्जा हटवाने के नाम पर एक तरफा कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन यदि अवैध कब्जा हटवाना चाहता है। तब एक तरफ से कार्रवाई करे, जिस पर विभागीय अफसरों का कहना था कि कार्रवाई वाली दुकानों को नोटिस दिया जा चुका है तथा अन्य 11 दुकानदारों को तीन दिन में अतिक्रमण हटाने के लिए मौखिक चेतावनी दे दी गई है।
कोट
कुछ दुकानदारों ने लोक निर्माण विभाग की जमीन पर दुकानों का निर्माण करा लिया है। हालांकि, दुकानदार जमीन की रजिस्ट्री दिखा रहे थे, लेकिन वह रजिस्ट्री उचित नहीं है। डीएम के आदेश के बाद दो निर्माणाधीन दुकानों को तोड़ दिया गया है, जबकि बाकि 11 दुकानों को हटाने के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए दुकानदारों को तीन दिन का समय दिया गया है। -महेंद्र सिंह, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, रामपुर।