रामपुर। बिजली विभाग के कर्मचारी चेकिंग करने के नाम पर सीढ़ी लगाकर व्यापारी नेता के घर में घुस गए। इसी बात को लेकर हंगामा हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि व्यापारियों ने अधिशासी अभियंता के कार्यालय पर धरना दिया। व्यापारियों का कहना है कि यदि शहर में 95 प्रतिशत बिजली चोरी है तो इसके लिए सिर्फ उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि विभाग भी दोषी है। विभाग के अधिकारी चेकिंग कराएं, लेकिन किसी के घर में इस तरह से प्रवेश न किया जाए। बाद में एसडीओ और जेई ने माफी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हो सका।
सोमवार को किला बिजलीघर के अवर अभियंता जयदीप मौर्य विजिलेंस टीम के साथ चेकिंग करने निकले थे। इस बीच उन्होंने अंजुमन की गली स्थित में रामपुर उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री शाहिद के घर का दरवाजा खटखटाया। आरोप है कि व्यापारी नेता के घर का दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद बिजली कर्मी सीढ़ी लगाकर मकान में घुस गए। अचानक छत से पुलिस और बिजली कर्मियों को आता देख हड़कंप मच गया। महिलाओं एवं बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे घर के अन्य सदस्य भी बाहर आ गए। शोरशराबा सुनकर मोहल्ले के लोग भी एकत्र हो गए और हंगामा करने लगे। बिजली कर्मियों ने मीटर और लाइन की चेकिंग की, जिसके बाद वहां कोई बिजली चोरी नहीं मिली। कुछ देर बाद व्यापार मंडल के और लोग भी आ गए और एसडीओ प्रदीप कुमार का घेराव कर लिया। व्यापारियों का कहना था कि चेकिंग के नाम पर किसी के घर में सीढ़ी लगाकर घुसने का क्या मतलब है? क्या विभाग लोगों के मन में दहशत बैठाना चाहता है? लोगों ने दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया। कहा कि पूरे शहर में विभाग के बिचौलिए घूमते हैं। पहले तो विभाग की तरफ से लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई जाती है और फिर जुर्माना कम करने के नाम पर तोलमोल की जाती है। इस बीच किसी तरह से बिजली कर्मी वहां से निकल गए, जिसके बाद व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में तमाम लोग अधिशासी अभियंता कार्यालय आ गए, जहां उन्होंने धरना दिया। जिलाध्यक्ष का कहना था कि हम लोग बिजली चेकिंग का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन चेकिंग करने के तरीके से ऐतराज है। इस तरह किसी के घर में घुसना उचित नहीं है। उन्होंने अफसरों को कड़े लहजे में चेताया कि यदि फिर ऐसा हुआ तो आंदोलन होगा। बाद में एसडीओ और जेई ने माफी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हो सका।
टीम चेकिंग करने के लिए गई थी। पहले कर्मचारियों ने घर का दरवाजा ही खटखटाया था, लेकिन गेट नहीं खुला। मीटर भी मकान के भीतर लगा हुआ था, जिसके बाद कर्मचारी सीढ़ी लगाकर घर में चले गए। इसी बात को लेकर व्यापारियों ने विरोध किया था, लेकिन उपभोक्ता के घर में बिजली चोरी नहीं मिली। लिहाजा, कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- प्रदीप कुमार, उपखंड अधिकारी, द्वितीय, रामपुर