रामपुर। हाथों में मजहबी परचम थामे और नबी की शान में नारे लगाते हुए हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुलूस ए मोहम्मदी में शामिल रहे। शहर के विभन्न स्थानों से अंजुमने और मदरसों के तालिब ए इल्म जुलूस ए मोहम्मदी में शामिल हुए। जुलूस के दौरान कई जगहों पर जाम के हालात भी बने। जुुलूस में तालिब ए इल्म की टोलियां और मौलाना नात का नजराना पेश करते हुए चल रहे थे तो उलमा नबी की शान में तकरीर करते हुए चल रहे थे। जुलूस का कई जगहों पर स्वागत किया गया और शर्बत, चाय, हलवा आदि वितरित किया गया।
रविवार को ईद मिलादुन्नबी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। जुलूस ए मोहम्मदी निकालकर नबी की शान में नारे और तकरीर हुई। बाद नमाज फज्र जुलूस ए मोहम्मदी की तैयारियां शुरू कर दी गईं। मदरसों और विभिन्न मोहल्लों से अंजुमनों के जुलूस किला मैदान पहुंचने शुरू हो गए। नगर में 41वां जुलूस ए मुहम्मदी आस्ताना ए आलिया जमालिया के सज्जादानशीन शाह फरहत अहमद जमाली की जेरे ए कयादत में अजीमुशान पैमाने पर निकला गया। जुलूस ए मोहम्मदी में करीब 50 अंजुमने सुबह 9 बजे से किले के मैदान में जमा होनी शुरू हो गईं जिसमे बड़ी तादाद के लोगों ने हिस्सा लिया। 10 बजे एक बड़े जुलूस की शक्ल में मर्कजी अंजुमन फैजान ए जमाल के बैनर तले तमाम अंजुमने किला मैदान से रवाना हुईं। ये जुलूस हामिद गेट, जच्चा बच्चा सेंटर, सर्राफा बाजार, जामा मस्जिद, पान दरीबा, गुइया तालाब, चौकी राज्जड, झूले वाली इमली, चौकी पाखड़, होता हुआ आस्ताना आलिया जमालिया पर समाप्त हुआ।
जुलूस का जगह जगह सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया। जुलूस में लोग अपने हाथों में झंडे व बैनर लेकर चल रहे थे। इस बीच जुलूस का नेतृत्व कर रहे शाह फरहत अहमद जमाली ने कहा कि आज हम रहमतुललिल आलामीन का जश्न ए मिलादत मना रहे हैं। जो सिर्फ मुसलमानों के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के हर तबके और कौम के लिए रहमत बनकर आए। इसलिये इस दिन को यौमे रहमत के तौर पर मनाना चाहिए और जरूरत मंदो, निर्धनों, बेसहारा लोगों की भरपूर मदद करें। तब ही हम इस दिन को मनाने के हकदार होंगे। जुलूस के दौरान नात व मनकबत, सलातो सलाम, दुरूद ए पाक का नजराना लगातार पेश किया जाता रहा ,और नारे तकबीर व नारे रिसालत के फ़लक शिगाफ नारों से फ़िजा गूंजती रही। जुलूस में ज्वालानगर और अजीतपुर का जुलूस भी शौकत अली रोड से होते हुए बड़े जुलूस में शामिल हुआ। शहर काजी खुशनूद मियां ने भी रसूल की तकरीर की और उनके बताए रास्ते पर चलने की ताकीद दी।
जुलूस में इस बार साहिब ए सज्जादा शाह फरहत अहमद खां जमाली की हिदायत के मुताबिक़ नमाजों का एहतेमाम किया गया और तमाम सम्मिलित लोग अदब ओर एहतेराम के साथ हजारों की संख्या में आखिर तक जुलूस में शामिल रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से नायाब सदर नईम अख़्तर कुरैशी, शिया आलिम ए दीन सैय्यद मोहम्मद जमा बाकरी, मोहम्मद रेहान खां, राशिद मियां सज्जादा नशीन बगदादी साहब, फहद अहमद जमली नयाब सज्जादा नशीन, नोमान खां ग़ाजी, शाहिद खां जमाली, आरिफ जमाली, अतहर जमाली आदि शामिल रहे।