कोटखाई (रोहडू़)। क्षेत्र के मध्यम और अधिक ऊंचाई गई है। जबकि कम ऊंचाई वाले क्षेत्र में फ्लावरिंग की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मगर बीते कुछ कुछ दिनों से ठंड बढ़ने से बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
इसकी वजह यह है कि तापमान में गिरावट आने से सुबह के समय पाला जमना आरंभ हो गया है। इसका फ्लावरिंग की प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो सेब की फसल भी प्रभावित होेने का खतरा बना हुआ है। मौसम के इस बदले मिजाज की वजह से बागवान चिंतित नजर आ रहे हैं।
बागवान राकेश चौहान, जोगिंदर चौहान, देवेंद्र चौहान, लोकेंद्र चौहान, सुभाष चौहान, नीरज ठाकुर, तेजराम डोगरा, सुरेंद्र शर्मा, पदमदास कजोलटा ने बताया कि अप्रैल माह में पड़ने वाली ठंड बागवानों के लिए परेशानी बन सकता है। इससे सेब के पौधों में फूलों की सेटिंग को नुकसानदायक हो सकता है। ठंड बढ़ने की वजह से फसल प्रभावित होने की संभावना है।
शाम के समय करें पानी का स्प्रे : कालटा
पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. धर्मवीर कालटा ने बताया कि अगर रात के समय तापमान माइनस में रहता है और अधिक पाला जम रहा है तो इससे बचाव के लिए शाम के समय सूर्य अस्त होने के बाद पानी का स्प्रे किया जा सकता है। इससे काफी हद तक राहत मिलेगी। अगर सुबह के समय तापमान में गिरावट रहती है, तो इससे चिंता करने की जरूरत नहीं है। पूरी रात तापमान माइनस में रहता है, तो इससे फूलों की पंखुड़ियां जल सकती है। सेब की सेटिंग के लिए तापमान 18 से 22 डिग्री के बीच रहना अनिवार्य है।