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Rampur News: परिचालकों के अभाव में तैयारियां धरी रह गईं तैयारियां

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रामपुर। दीपावली के एक दिन पहले रोडवेज डिपो में काफी अधिक भीड़भाड़ रही। इस दौरान डिपो की बसों का सहारा यात्रियों को कम ही मिल सका, जबकि बाहरी गाड़ियों पर लोग ज्यादा आश्रित रहे। बसों के संचालन के बाद 18 बसें डिपो में खड़ी रही, जिससे यात्रियों को बाहरी बसों का सहारा मिल गया और लोग गंतव्य को पहुंचे। देर शाम तक यह सिलसिला चलता रहा।
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सुबह करीब सात बजे से रामपुर रोडवेज डिपो में भीड़ लगी रही। इस दौरान सबसे अधिक बरेली, मुरादाबाद डिपों के यात्री रहे, जिनको डिपो ने बसों से सफर कराया। जबकि आगरा, दिल्ली रूट पर बसों पर यात्रियों की भीड़ काफी अधिक रही। इस दौरान दोपहर करीब एक बजे के आसपास यात्रियों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा। डिपो की 18 बसें परिचालकों के अभाव में खड़ी रही, जिस वजह से यात्री बाहरी बसों के इंतजार में खड़े रहे।
जब कोई बाहरी बस आती तो तुरंत यात्री दौड़ लगा देते। इस बीच कई बार ऐसा भी हुआ कि पहले खचाखच बसें पहुंची तो रामपुर के यात्रियों को जगह नहीं मिल सकी। इस दौरान काफी यात्री खड़े होकर भी बसों में सफर किया। देर शाम तक बाहरी बसें मिलती रही और यात्री सफर करते रहे।
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रोडवेज डिपो से यात्रियों को ज्यादा राहत नहीं मिल पाई। इस दौरान कई बार एनाउंसमेंट न होने से यात्री स्टेशन पर भटकते नजर आए। कई घंटे खड़े रहने के बाद उनको बस मिल सकी। नई गाड़ियों के अलावा पुरानी गाड़ियों से भी लोगों ने सफर किया। अधिकारियों की माने तो इस बार 14 लाख का लक्ष्य त्योहार के लिए रखा गया है, लेकिन सिर्फ 18 अक्तूबर की ही माने तो खास कमाई नहीं हो सकी। त्योहार को लेकर जितने दिन स्कीम चल रही है, उतने दिन चालक-परिचालकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

ट्रेनों में भी पैर रखने तक को जगह नहीं
शहर में ट्रेनों में एसी तो छोड़िए सामान्य कोच में भी जगह नहीं मिल सकी। लोगों को सामान्य कोच में जब जगह नहीं मिली तो लोग ट्रेन के बाथरूम में लटककर पहुंचे। इस दौरान देर शाम तक ट्रेनों में खचाखच भीड़ रही है। अवध असम, पंजाब मेल, आला हजरत, ऋषिकेश एक्सप्रेस समेत तमाम ट्रेनों में भीड़ काफी अधिक रही है।
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रोडवेज के बाहर इंतजार करते रहे लोग
रामपुर। रामपुर रोडवेज डिपो के बाहर लोग कई घंटों से इंतजार करते रहे। डिपो की बसों का सहारा न मिलने पर लोगों ने बाहरी बसों का सहारा लिया। इस दौरान कई लोगों ने कैब और अन्य साधन से गंतव्य को पहुंचे।

डग्गामार काटते रहे चांदी
रामपुर। रोडवेज डिपो पर डग्गामार का हौसला देखते ही बन रहा था। बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों को खुद व खुद ले जाते हैं। जिसके दाम जैसे मिले वैसे ही लेकर चलते बने। इस बीच ई-रिक्शा और टेपों ने भी चांदी काटी।

चालक-परिचालकों की स्कीम के तहत सभी बसों को चलाया गया है। परिचालकों के अभाव 18 बसें खड़ी हैं, जाे नहीं चल सकीं। अन्यथा सभी बसों को भेजा गया है। इसके अलावा बाहर की रोडवेज बसें भी लगातार यात्रियों को सफर कराती रहीं।
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-रामप्रकाश, प्रभारी डिपो, रामपुर रोडवेज डिपो
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