जिला कृषि अधिकारी विश्वनाथ और पुलिस ने शाहबाद के सराय इमाम गांव में एक
मकान पर छापा मारकर एनपीके और जिप्सम के 280 बोरे नकली खाद पकड़ी है। मौके
पर इफको कंपनी के खाली बोरे और बोरे सिलाई का धागा भी मिला। इस दौरान आरोपी
भागने में सफल रहा।
जिला कृषि अधिकारी ने जिप्सम और एनपीके के नमूने लेकर
गृहस्वामी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे दी है। साथ ही मामले की रिपोर्ट
डीएम को भी भेजी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी विश्वनाथ को बुधवार की सुबह
सूचना मिली कि शाहबाद के सराय इमाम गांव में खाली बोरों में नकली खाद भरी
जा रही है। यह काम काफी समय से हो रहा है।
इसपर जिला कृषि अधिकारी शाहबाद
कोतवाली पहुंचे। बाद में पुलिसकर्मियों के साथ लेकर सराय इमाम गांव में एक
मकान पर छापा मारा। डीएओ और पुलिस को मकान में 280 बोरे दानेदार जिप्सम और
इफको कंपनी के एनपीके 12:32:16 के 50 बोरे मिले। पुलिस ने इफको के 116 खाली
बोरे और धागे के 13 बंडल भी बरामद कर लिए।
जिला कृषि अधिकारी ने
जिप्सम और एनपीके 12:32:16 के नमूने लेकर खाद और खाली बोरे कब्जे में कर
लिए। इसके बाद जिला कृषि अधिकारी ने कोतवाली पहुंचकर विवेक कुमार यादव के
खिलाफ तहरीर दी। डीएओ ने बताया कि जिप्सम और एनपीके 12:36:16 खाद नकली है।
गांव में इफको के बोरों में नकली खाद भरने का धंधा काफी समय से हो रहा था।
छापे की भनक लगते ही गृहस्वामी मशीन सहित पहले ही फरार हो गया। डीएओ ने
बताया कि दोनों नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। मामले की
रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी दी जाएगी।
सराय इमाम में नकली खाद की बिक्री पिछले 20 दिनों से चल रही है। गेहूं की
बुवाई करने वाले किसान इसे खरीद कर रहे थे। खेत में इस खाद को डालने के बाद
भी फसलों पर कोई खास असर नहीं दिख रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी
नकली खाद व खाली बोरी संभल से लाता था। नई बोरियों में खाद डालकर उसकी
सिलाई कर दी जाती थी।
किसानों को आसानी से यह पता नहीं चल पाता था कि उसमें
नकली खाद है। नकली की खाद की बिक्री सराय इमाम व आसपास के गांव में की
जाती थी। आरोपी के पास खाद की बिक्री का कोई लाइसेंस भी नहीं है। पुलिस का
कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके काम करने के तरीके के बारे में
पूरी जानकारी मिल पाएगी।
अभी तक तो यह पता चल पाया कि वह संभल से खाली बोरी
व खाद लाता था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसका पूरा नेटवर्क पता चलेगा।
दूसरी कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब्त खाद का नमूना जांच के
लिए भेज दिया है। इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि इसमें
क्या-क्या मिलाया गया है?