रामपुर। मूसलाधार बारिश ने शहर में नालों की सफाई के दावों का पोल खोल दिया। बारिश से उफनाए नालों का पानी एक कब्रिस्तान में घुस गया, जिससे कब्रिस्तान में दफनाए गए शव पानी में उतराने लगे। कब्रिस्तान में शव उतराने की सूचना पर कई लोग वहां पहुंच गए। इसके बाद नगरपालिका ने पंप के सहारे कब्रिस्तान से पानी निकलवाया।
शुक्रवार रात से शुरु हुई तेज बारिश शनिवार को दोपहर तक जारी रही। इससे शहर का जलनिकासी की व्यवस्था की हकीकत भी सामने आई। नगर में बीएसएनएल कार्यालय की रोड पर स्थित एक कब्रिस्तान में पानी भर गया। इस पानी में लोगों को तीन शव तैरते दिखाई दिए, जिसके बाद लोगों ने इसकी जानकारी नगर पालिका के अधिकारियों को दी। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. इन्दुशेखर मिश्रा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पंप के जरिए कब्रिस्तान का पानी निकलवाया और जेसीबी से कब्रिस्तान की जल निकासी खुलवाई। पानी निकलने के बाद लोगों ने शवों को फिर से दफना दिया गया। वहीं, बड़े नालों की सफाई पूरी तरह से न होने की वजह से जलनिकासी सही तरीके से नहीं हो पाई, जिस वजह से मोहम्मद अली जौहर रोड, शौकत अली रोड, सिविल लाइंस, ज्वालानगर, कृष्णा विहार कालोनी, पुराना गंज, बाजार नसरूल्ला खां, नालापार, शाहबाद गेट, पीला तालाब, तालाब मुल्ला ऐरम समेत तमाम इलाकों में जलभराव हो गया। डायमंड रोड पर नाला बंद होने की वजह से पानी भर गया, जिसे बाद में नगर पालिका के नगर अभियंता महेन्द्र सिंह ने पंप लगाकर निकलवाया। साथ ही नाले की सफाई कराई। ज्वालानगर के विकास नगर इलाके में तो भी कई मकानों में पानी घुस गया। किचन और कमरों में पानी आने की वजह से लोगों का काफी सामान खराब हो गया। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक, रोडवेज बस स्टैंड पर भी पानी भर गया, जिसे पंप से निकलवाया गया। शाम तक यही सिलसिला जारी रहा। ईओ इंदूशेखर मिश्रा ने बताया कि कब्रिस्तान में शव उतराने की सूचना मिली थी, जिस पर पंप से पानी निकलवाना शुरू करवाकर वो वहां से वापस आ गए थे।