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पांच कर्मचारी हटाए, सीडीओ को जांच सौंपी

Sat, 06 Feb 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
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डूंगरपुर में पालिका की जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। नगर विकास मंत्री की नाराजगी के बाद प्रशासन ने कलेक्ट्रेट स्थित रिकार्ड रूम के सभी पांच कर्मियों को हटा दिया है। उनके स्थान पर अन्य तहसीलों से कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मामले की जांच के लिए सीडीओ के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी गई है।
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कार्रवाई से हड़कंप मचा है। कलेक्ट्रेट का रिकार्ड रूम भ्रष्टाचार की जद में है। बाबूराज इतना हावी है कि यहां जमीनों के अभिलेखों में खूब हेराफेरी की जाती है। हेराफेरी का एक मामला डूंगरपुर में आसरा आवास योजना के तहत आवंटित जमीन में सामने आया है।


अफसरों और कर्मचारियों से साज होकर कुछ लोगों ने पालिका की जमीन को निजी भूमि दर्शा दी थी। इसके बाद यहां प्लाटिंग हो गई। जब आसरा आवास बनने का नंबर आया तो लोग जमीन को अपना बताते हुए कोर्ट तक चले गए। आसरा कालोनी बनाने में कानूनी अड़चनें आ गईं।
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नगर विकास मंत्री आजम खां ने डीएम को चिट्ठी लिखकर इस पर गहरी नाराजगी जाहिर की थी। अफसरों और भूमाफियाओं के बीच साठगांठ का पर्दाफाश कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने रिकार्ड रूम के कर्मचारियों की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए सभी पांच कर्मियों को हटा दिया है।


रिकार्ड रूम से हटाए गए कर्मचारियों में रेखा चौधरी, राधेश्याम, सुनीता सक्सेना, कंचन सिंह और भगवान शामिल हैं। उनके स्थान पर दूसरे कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच सीडीओ को सौंप दी गई है। सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी में दो एसडीएम को लगाया गया है। उनसे रिपोर्ट जल्द से जल्द देने को कहा गया है।
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