रामपुर। भारत में हत्या से ज्यादा हादसों में मौतें हो रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो हर चार मिनट में एक व्यक्ति की जान हादसे में चली जाती है। कहा कि डरकर नहीं, जान बचाने के लिए यातायात के नियमों का पालन करें। ये बातें एएसपी अनुराग सिंह ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय महिला डिग्री कॉलेज किला में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं।
एएसपी ने कहा कि यातायात नियमों का पालन जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी व परिवार की सुरक्षा के लिए करें। स्कूटी या बाइक पर हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाने से हादसा होने की स्थिति में जान बच जाती है।
कहा कि डेढ़ लाख की बाइक खरीदने के बावजूद लोग एक हजार रुपये का हेलमेट नहीं खरीदते हैं। खरीदते भी हैं तो उसे पहनना नहीं चाहते। कई बार लोग सड़क के विपरीत दिशा में चलते हैं। इस कारण दुर्घटना होने पर सिर में चोट लगने से सबसे अधिक मौतें होती हैं। वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें। यह चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि इसे खुद की जान बचाने के लिए लगाएं। उन्होंने कहा कि हेलमेट चालान से बचाने के साथ चीनी मांझे से बचाव भी करेगा।
यातायात प्रभारी नवनीत सिंघवाल ने बताया कि जो चालक को सुनाई कम देता है, उन्हें अपने वाहन के पीछे ड्राइवर इज डीफ लगाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को इसका मतलब भी बताया। साथ ही जैब्रा क्रासिंग आदि की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हादसे में अगर कोई व्यक्ति घायल हो जाए तो उसकी मदद करनी चाहिए। यहां प्राचार्या डॉ. सुनीता, डॉ. सोनू पुरी, प्रो सबीहा परवीन, प्रो. अनीता देवी आदि मौजूद रहे।
साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय
एएसपी ने छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के लिए सचेत किया। बताया कि हम छोटी-छोटी चीजों को सोशल मीडिया पर शेयर कर देते हैं। ऐसा करने से बचें। अपनी निजता का ध्यान रखना चाहिए। साइबर अपराधी चेहरा आपका और धड़ किसी और का लगाकर दुरुपयोग करते हैं।