रामपुर। बेसिक स्कूलों के दिव्यांग बच्चों में झिझक खत्म करने और बेहतर सोच विकसित करने के लिए शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए ऐसे ऐतिहासिक धरोहर का चयन किया जाएगा, जो सुगम्य, सुरक्षित और ज्ञानवर्द्धन में सहायक हो।
अभी तक बेसिक स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के आम बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने की सुविधा थी। अब बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से दिव्यांग बच्चों को भी शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने के आदेश प्राप्त हुए हैं। जिले में तीन हजार के करीब दिव्यांग बच्चे बेसिक स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से एक विजिट पर 50 बच्चे जाएंगे। कुल तीन विजिट हाेंगी। इस प्रकार 150 बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा। इसके लिए पहले बच्चों के अभिभावकों से सहमति ली जाएगी। उनकी सुरक्षा व सहयोग करने की पूरी जिम्मेदारी स्पेशल एजुकेटर्स को सौंपी जाएगी। भ्रमण के लिए उपयोग में लाए जाने वाले वाहन में सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाएगी। वाहन में एक से दो व्हीलचेयर का इंतजाम भी रहेगा। भ्रमण के दौरान बच्चों को पीने का पानी, नाश्ता व भोजन आदि का प्रबंध किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने एक लाख रुपये का बजट दिया है।
बच्चों को जारी होगा पहचान पत्र
बच्चों का शैक्षणिक भ्रमण सितंबर से नवंबर के बीच कराया जाएगा। शैक्षणिक भ्रमण से पहले सभी बच्चों का पहचान पत्र तैयार किया जाएगा। जिस पर बच्चे का नाम, अभिभावक का नाम, पता व मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। पहचान पत्र गले में पहनाया जाएगा।
- महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं निदेशक राज्य परियोजना की तरफ से इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जल्दी ही इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली जाएगी। बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा।
सतेंद्र शर्मा, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा