क्षेत्र के गांव बिजारखाता में देवबंद मसलक की ओर से इज्तिमा कराने के विरोध में बरेलवी मसलक के उलेमा ने तहसील में प्रदर्शन किया। साथ ही कार्यक्रम निरस्त कराने की मांग को लेकर एसडीएम को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। बिजारखाता में देवबंद मसलक की ओर से 31 अक्तूबर को इस्लाहे मुआशरा कांफ्रेंस का आयोजन किया गया है।
इस कार्यक्रम की स्वीकृति स्वार उपजिलाधिकारी से ले ली गई थी। मामले की भनक जैसे ही बरेलवी मसलक के उलेमा को लगी तो वह एकत्र होकर शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने गांव में नई परंपरा को रोके जाने को लेकर तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस्लाहे कांफ्रेंस को तत्काल प्रतिबंधित करने की मांग की।
एसडीएम की गैरमौजूदगी में उलेमा ने एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद पांडेय को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर मदरसा शमशुल इस्लाम के प्रधानाध्यापक कारी दिलशाद रजा नूरी, कारी यूसुफ कमाल, कारी मोहम्मद इल्यास, मौलाना अख्तर रजा, कारी अब्दुल कय्युम, खुर्शीद अहमद सलमानी रहे।
बिजारखाता में देवबंद और बरेलवी मसलक के बीच तनावपूर्ण माहौल है। इसे लेकर पुलिस ने गांव का भ्रमण किया। वहीं, जुमे की नमाज के बाद तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद पांडेय पुलिस बल के साथ बरेलवी मसलक के मदरसा शमशुल इस्लाम पहुंचे और उलेमा को अवगत कराया कि देवबंद मसलक के लोगों के कार्यक्रम की स्वीक़ृति निरस्त कर दी गई है।