अस्पताल की दीवारों पर अंकित होगा चिकित्सीय सेवाओं का ब्योरा
आयुष्मान कार्डधारकों को मिलेगी उपचार प्रक्रिया में आसानी
रामपुर। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के उपचार में आनाकानी करने वाले निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग ने एक नया कदम उठाया है। इसमें अस्पताल की दीवारों पर ही यह अंकित करना होगा कि आयुष्मान कार्ड पर किन-किन रोगों के उपचार की सुविधा उपलब्ध है, निरीक्षण के दौरान अधिकारी भी इसकी जांच करेंगे।
केंद्र सरकार ने 25 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया था। वर्ष 2011 में हुई आर्थिक सामाजिक जनगणना के आधार पर परिवारों को इसमें शामिल किया गया था। जिले के 16 अस्पतालों को संबद्ध किया गया था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोरों को बेहतर व निशुल्क इलाज सुनिश्चित हो सके। पूर्व में इस योजना का लाभ बीपीएल राशन कार्डधारकों को दिया जा रहा था। बाद में अंत्योदय राशन कार्ड और श्रम कार्डधारकों को भी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में शामिल किया गया था। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये तक कैशलेश उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। लेकिन, अब शासन ने दी जाने वाली योजनाओं को गंभीरता से लेते हुए सभी अस्पतालों के बाहर यह अंकित कराए जाने के निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान कार्ड धारकों की किन-किन बीमारियों को उपचार अस्पताल में होता है। अस्पताल के बाहर होने वाले उपचार का उल्लेख कराया जाएगा, जिससे मरीज देखकर ही अपने उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सके।
इससे जहां एक ओर मरीजों को अस्पतालवार मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी होगी तो वहीं अस्पताल वाले उनके यहां उपलब्ध चिकित्सीय सेवाओं को लेकर किसी मरीज से आनाकानी नहीं कर सकेंगे।
- जिले में 16 अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों के निशुल्क उपचार की सुविधा है। इन सभी अस्पतालों पर कार्ड धारकों को किन-किन बीमारियों का उपचार उनके अस्पताल में दिया जाता है, उसका ब्योरा अंकित करना होगा। इसकी पुष्टि के लिए निरीक्षण कर इसको चेक किया जाता है।
- डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ