राज्यरानी एक्सप्रेस के बेपटरी होने के हादसे के पीछे साजिश की आशंका की पुष्टि के लिए जांच शुरू हो गई है। हादसे के स्थान पर टूटी पटरी के करीब सवा मीटर टुकड़े को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पटरी के इस टुकड़े पर एक डेंट का निशान भी बताया जा रहा है। जिससे ट्रैक पर किसी आब्जेक्ट को रखकर हादसे को अंजाम दिए जाने की आशंका है। वहीं हादसे की जांच के लिए एटीएस ने भी आरपीएफ से साक्ष्य जुटाए हैं।
शनिवार सुबह मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। एक्सप्रेस ट्रेन की दस बोगियां पटरी से उतर गईं। हादसे से आरपीएफ, सिविल पुलिस, जीआरपी, रेलवे के अफसरों में हड़कंप मच गया। पूरे दिन अफसरों के मौके पर पहुंचने और जांच का दौर चला। इसी बीच शासन के निर्देश पर मामले की एटीएस जांच शुरू कर दी गई। एटीएस के एएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने भी मौके पर पहुंच कर साक्ष्य एकत्र किए।
रेलवे के सूत्रों के अनुसार घटना में भले ही आरपीएफ द्वारा पटरी फ्रैक्चर होने की वजह बताई जा रही है लेकिन, मौके पर मिली टूटी पटरी पर एक डेंट का निशान भी था। जिससे पटरी पर कोई वस्तु रखे होने के कारण हादसे की आशंका जताई जा रही है। हादसे की असली वजह जानने के लिए टूटी हुई पटरी के करीब सवा मीटर टुकड़े को फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।