उपजिलाधिकारी आवास पर खनन के धंधेबाजों की ओर से भीड़ के साथ किए गए हमले के मास्टर माइंड खनन के धंधेबाज के घर पर इस मामले में जेल गए मिर्जापुर के लोगों ने धावा बोल दिया। इस दौरान आरोपी तो घर से भाग गया। महिलाओं और अन्य परिजनों ने खनन के धंधेबाज के पिता को घेरकर पीटा और खरी-खोटी सुनाकर कपड़े फाड़ दिए। साथ ही घर में तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंचे अन्य ग्रामीणों ने आक्रोशित लोगों को बमुश्किल समझाया। गांव में देर रात तक हंगामा होता रहा।
गुरुवार की रात में कुछ लोगों ने एसडीएम लालता प्रसाद शाक्य के आवास पर हमला कर दिया था। इस हमले के बाद जिले भर में हड़कंप मच गया था। इस हमले का मास्टर माइंड अवैध खनन का धंधेबाज क्षेत्र के एक गांव का युवक बताया गया है। दरअसल एसडीएम ने कोसी नदी से अवैध खनन कर ला रही ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ लिया था। जिसके बाद खनन के धंधेबाजों ने ट्रैक्टर-ट्राली छुड़वाने के लिये मिर्जापुर के एक युवक से संपर्क किया और रेत धर्मस्थल के निर्माण के लिए ले जाने के एवज में रेत मुफ्त में देने की बात कहकर ग्रामीणों को बुलाने को कहा था।
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इस पर युवक ने गांव जाकर ग्रामीणों को मामले की जानकारी दी और कहा कि वह एसडीएम को बताए कि रेत मंदिर के लिए ले जा रहे है, जिस पर ग्रामीण एसडीएम आवास पर पहुंच गए। उन्हें तब तक मालूम नहीं था कि हंगामा या कोई बवाल हो जाएगा। खनन माफिया के इशारे पर ट्राली छोड़ने को कहते हुए कुछ लोगों ने हंगामा कर हमला बोल दिया। बाद में 32 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। लेकिन ग्रामीणों में आक्रोश है कि जो युवक उन्हें झूठ बोलकर अपने साथ ले गया था वह साफ बच गया।
शुक्रवार की शाम जेल गए मिर्जापुर के युवकों के परिजनों ने उस युवक के घर पर धावा बोल दिया, जिस पर वह दीवार कूदकर भाग गया। इस दौरान भीड़ ने युवक के पिता को खींच लिया और खरीखोटी सुनाई। इस खींचतान में उसके पिता के कपड़े फट गए। घर में तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंचे अन्य ग्रामीणों ने आक्रोशित परिजनों को बमुश्किल शांत कराया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके लड़के युवक के बहकावे में आकर वह चले गए थे। उनका अवैध खनन से कोई संबंध नहीं है। प्रशासन को उस युवक के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।