रामपुर। सामूहिक विवाह योजना के आवेदनों की जांच के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा पकड़ में आ जाने के बाद कार्रवाई की मांग की जा रही है। सामूहिक विवाह योजना में समान समेत 51 हजार रुपये का शादी अनुदान दिया जाता है। लेकिन शाहबाद में बिचौलियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहले लाभार्थी तैयार किए। उसके बाद फर्जी शादी के लिए आवेदन प्रस्तुत कर दिए। नगर पंचायत में करीब 189 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों की जब जांच शुरू हुई तो फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। जांच के दौरान 189 आवेदन में से 25 आवेदन पात्रता की श्रेणी में आए। शेष 164 आवेदन फर्जी पाए गए।
अमर उजाला ने इस पूरे प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद अब हर तरफ से घपला करने वाले बिचौलियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है। पहले सभासद बब्लू मियां ने एफआईआर की मांग उठाई थी। अब अपराध निरोधक समिति के प्रांतीय सचिव एवं पूर्व जेल पर्यवेक्षक ने घपला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण को लेकर वह डीएम से मिलेंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे। उधर सुहैल खान असरार ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। कहा कि वह सीएम योगी को इस पूरे प्रकरण को लेकर चिट्ठी लिखेंगे। सैफनी के भाजपा नेता एवं पूर्व भाजपा प्रत्याशी आशीष गुप्ता ने भी जांच कराने के बाद कठोर कार्रवाई की मांग की उठाई है।