रामपुर। भारतीय किसान यूनियन अंबावता के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर जिले में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित अस्पतालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम से ऐसे अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
मो. हनीफ वारसी ने कहा कि प्रदेश में किसान और मजदूर महंगाई से परेशान हैं। सरकार को किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने छुट्टा पशुओं से फसलों की सुरक्षा और पशुओं के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
किसानों ने आरोप लगाया कि जिले में फर्जी अस्पताल, अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और लैब संचालित हो रहे हैं। आयुर्वेदिक डिग्री धारक डॉक्टर एलोपैथिक दवाइयां देकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। इस दौरान शकील अहमद, इसरार अली, संजू खान, आरिफ अली, अरशद अली और हरजिंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
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अपंजीकृत अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग
रामपुर। शाहबाद निवासी शरद ने डीएम को पत्र भेजकर क्षेत्र के अपंजीकृत अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब 40 केंद्रों की सूची तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि बिना पंजीकरण और मानकों के चल रहे इन केंद्रों पर प्रशिक्षित चिकित्सक तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में है। शरद ने डीएम से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संवाद