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अगवा किशोरी की घायल बहन की मौत पर हंगामा

Fri, 04 Nov 2016 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मिलक रामपुर
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किशोरी को अगवा अगवा किए जाते वक्त विरोध पर घायल उसकी छोटी बहन की मौत पर आक्रोशित परिवार ग्रामीणों और हिंदू संगठन के साथ सड़क पर उतर आया। ग्रामीणों ने अगवा किशोरी की बरामदगी की मांग को लेकर रोड पर जाम लगाते हुए शव ले जा रही वैैन को रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों  और पुलिस प्रशासन की झड़प हुई और 48 घंटे में किशोरी की बरामदगी के आश्वासन और सीएम से मुआवजा दिलाने के भरोसे पर जाम खुला। लेकिन महिलाओं ने शव घर पहुंचते ही अंतिंम संस्कार रोककर हंगामा किया। 

कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से किशोरी को अगवा किए जाते समय विरोध पर बदमाशों ने उसकी छोटी बहन रजनी (12) को घायल कर दिया था। उसकी इलाज के दौैरान बरेली में मौत हो गई। गुरुवार को रजनी का शव पुलिस सुरक्षा में गांव ले जाया जा रहा था। इस बीच पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ मिलक-बिलासपुर रोड पर पहुंच गया। जहां पर पीड़ित परिवार के साथ हिंदू संगठन से जुड़े लोग पहुंच गए। उन्होंने अगवा किशोरी की बरामदगी की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने वैन में रखा शव और पुलिस की गाड़ी को घेर लिया। उनका कहना था कि पहले अगवा किशोरी बरामद की जाए। तब ही शव को जाने दिया जाएगा। जिसको लेकर उपजिलाधिकारी लालता प्रसाद शाक्य तथा सीओ बिलासपुर राहुल कुमार ने प्रदर्शनकारियों से बात की।
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उन्होंने सीएम से मुआवजा दिलाने की बात कही लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। प्रभारी कोतवाल तेजवीर सिंह ने भी समझाने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शन में शामिल महिलाएं नहीं मानीं। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से उनकी झड़प हुईं। काफी देर तक चली नोक-झोंक के बीच पुलिस ने 48 घंटे में किशोरी की बरामदगी का भरोसा दिलाया। तब  प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया।  पुलिस शव को लेकर गांव पहुंची। तब वहां पर पहुंचते ही रजनी के ताऊ बाबूराम ने वैैन से शव  को नहीं  उतरने दिया और हंगामा खड़ा कर दिया। उसका कहना था कि प्रशासन रजनी को कहीं पर ले जाकर  अंतिम संस्कार कर दे।
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किशोरी की बरामदगी तक वह संस्कार नहीं करेगा। जिसके समर्थन में महिलाएं भी उतर आईं और उन्होने शव का संस्कार न करने की घोषणा कर दी। जिस पर पुलिस एवं प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। जिसको लेकर मान-मनौव्वल का दौर चला लेकिन बात नहीं बनी। मामला तूल पकड़ते ही हिंदू संगठन के नेताओं ने पीड़ित परिवार को समझाने की कोशिश, लेकिन उनकी अनसुनी कर दी गई। वह भी कुछ देर को हाशिए पर आ गए। काफी देर तक चले हंगामे और झड़प के बीच करीब साढ़े पंच बजे हिंदू नेताओं के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की बैठक हुई। जिसमें चार सूत्रीयमांग पत्र एसडीएम लालता प्रशाद शाक्य और सीओ सिटी दिनेश शुक्ला की मौजूदगी में दिया गया। तब साढ़े तीन घंटे तक चला हंगामा शांत हो सका। 
 
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