रामपुर। शहर में जीरो प्वाइंट से लेकर सीआरपीएफ चुंगी तक शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। इस रोड पर डिवाइडर भी नहीं है। इसके चलते कोहरे में हादसों का खतरा और बढ़ गया है। इस रास्ते पर अब तक स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है।
शहर का एंट्री प्वाइंट ही अफसरों व जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है। मुरादाबाद से आने पर जीरो प्वाइंट से सीआरपीएफ चुंगी की सड़क तक खतरे से खाली नहीं है। इन दिनों जीरो प्वाइंट पर ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। मुरादाबाद से आने वाले वाहनों की पहिये यहां आते ही थम जाते हैं। इस रोड पर शहर के अंदर करीब पांच किलोमीटर तक अंधेरा छाया रहता है।
कोहरे के दिनों में इस रोड पर चलना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि इस रोड पर डिवाइडर भी नहीं है। ऐेसे में सामने से आ रहे वाहन से भिड़ने का भी खतरा बना रहता है। कोहरे के चलते मुरादाबाद से आने वाले वाहनों के साथ रामपुर से जाने वाले वाहनों की कतारें लग जाती हैं। बीते एक साल में जीरो प्वाइंट से लेकर सीआरपीएफ चुंगी तक अंधेरे के कारण 12 हादसे हो चुके हैं, इसके चलते तीन लोगों की जान भी जा चुकी है।
रातभर गुजरते हैं भारी वाहन
रात के समय में जीरो प्वाइंट से भारी वाहनों का प्रवेश भी शहर में शुरू हो जाता है, ऐसे में हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। जीरो प्वाइंट से सीआरपीएफ चुंगी के रास्ते रात भर बरेली और मुरादाबाद की ओर से आने और जाने वाली बसें गुजरतीं हैं।
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जीरो प्वाइंट से लेकर सीआरपीएफ चुंगी और पनवड़िया से लेकर दयावती मोदी अकादमी तक स्ट्रीट लाइटों को लगाने की मंजूरी दे दी गई है। यह काम आरडीए की ओर से किया जाएगा। इसके लिए कवायद की जा रही है। जल्द ही स्ट्रीट लाइटें लग जाएंगी। - आकाश सक्सेना, विधायक, रामपुर।