रामपुर। क्षेत्र के रहमतगंज गांव में सोमवार की शाम एक ही कुनबे के बीच हुए विवाद में बीच बचाव करा रहे सीआरपीएफ के जवान 28 वर्षीय धर्मेंद्र यादव उर्फ भूरा यादव की गोली लगने से मौत हो गई। सरेशाम हुई घटना में सीआरपीएफ जवान हत्या से गांव में सनसनी मच गई और दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर एसपी राजेश द्विवेदी, स्वार कोतवाल और मसवासी चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पुछताछ के लिए महिलाओं समेत कई लोग हिरासत में लिए हैं। गांव में आसपास के चार थानों की पुलिस सीओ बिलासपुर तैनात रहे। कोतवाली क्षेत्र के रहमतगंज गांव में यादव परिवार रहते हैं जो ज्यादातर एक ही कुनबे के बताए गए हैं। इनमें जोगेंद्र यादव और हरस्वरूप यादव के परिवार भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले जोगेंद्र यादव के छोटे भाई ब्रज किशोर यादव की हरस्वरूप यादव के बेटे कृष्ण यादव उर्फ पिंटू से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। तब मामला निपटा लिया गया था। सोमवार की शाम लगभग साढ़े पांच-छह बजे दोनों पक्षों के बीच दुबारा विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी भी हुई। विवाद को निपटाने के लिए ब्रज किशोर यादव का भतीजा धर्मेंद्र यादव उर्फ भूरा यादव पुत्र जोगेंद्र यादव बीच बचाव करने आ गया। धर्मेंद्र यादव उर्फ भूरा सीआरपीएफ का जवान है और छत्तीसगढ़ में तैनाती है। बीच बचाव के दौरान एक पक्ष अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाल लाया और गोली चला दी। गोली धर्मेंद्र यादव की आंख के ऊपर माथे लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वह लहूलुहान हालात में तड़पने लगे। गोली चलने और सीआरपीएफ जवान के घायल होने से गांव में अफरातफरी, दहशत मच गई और लोग अपने घरों में घुस गए। इस बीच घायल को परिजन तत्काल ही उत्तराखंड के काशीपुर स्थित एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसने दम तोड़ दिया। इस बीच घटना की सूचना मिलते ही कोतवाल स्वार संदीप त्यागी और मसवासी चौकी इंचार्ज रोहित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। गोली चलाने वाला मृतक का रिश्ते का भाई बताया जा रहा है, जिसके लिए पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है।
4 वर्ष पहले ही हुई थी सीआरपीएफ में नियुक्ति
मसवासी। जोगेंद्र यादव पैशे से किसान हैं। उनके तीन बेटों में धर्मेंद्र दूसरे नंबर के थे। पढ़ लिखकर पुलिस व सेना में जाने का सपना था। चार साल पहले सीआरपीएफ में नियुक्ति हुई और छत्तीसगढ़ में तैनाती मिली। वह अविवाहित थे। धर्मेंद्र यादव के भाई ने बताया गया कि वह लगभग आठ दिन पहले ही अवकाश लेकर घर आए थे। परिवार में विवाद हुआ तो उन्होंने उसे निपटाने की भूमिका निभाई। इसी दौरान एक पक्ष द्वारा चलाई गई। गोली उनके सिर में लगी और घायल होने के कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
एसपी व एएसपी ने लिया घटना स्थल का जायजा
मसवासी। राहमतगंज गांव में दो पक्षों में विवाद के दौरान सीआरपीएफ जवान को गोली लगने की सूचना पर पुलिस भी स्तब्ध रह गई। सूचना मिलने पर एसपी राजेश द्विवेदी, एडिशनल एसपी अनुज कुमार श्रीवास्तव गांव पहुंच गए। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली और कोतवाल संदीप त्यागी को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान मृतक के परिजन को सांत्वना भी दी। पुलिस ने लोगों से संयम बरतने को कहा।
गांव में भय का माहौल 4 थानों की पुलिस तैनात
मसवासी। रहमतगंज गांव में सीआरपीएफ जवान की गोली लगने से हुई मौत के बाद जहां परिवार में चीत्कार मचा हुआ है वहीं गांव में भय का माहौल है जिसके चलते आसपास के चार थानों के फोर्स तैनात कर दिया गया है।
सीआरपीएफ के जवान की मौत होने से पुलिस प्रशासन भी सकते में आ गया है। गांव में दहशत का ऐसा माहौल है कि लोग कुछ भी बताने से बच रहे हैं। घटना के बाद आरोपी पक्ष के एकाध दो लोग हिरासत में लिए गए हैं जबकि बाकी लोग घर छोड़कर फरार हो गए हैं। दहशत के चलते लोग अपने घरों में कैद हैं और गांव में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना से उपजे आक्रोश के चलते फिर से कोई अप्रिय घटना न हो इस आशंका के चलते स्वार कोतवाली पुलिस के अलावा टांडा, मिलकखानम और अजीमनगर पुलिस के जवान तैनात हैं तथा सीओ बिलासपुर भी मौजूद हैं। मृतक के परिजन घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचे हैं। कोतवाल संदीप त्यागी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ ले लिए टीम गठित की जा रही है। आरोपी शीघ्र गिरफ्तार के न्यायालय में पेश किए जाएंगे।
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परिवार की ओर से तहरीर के बाद कार्रवाई की जाएगी। आपसी विवाद में गोली मारने से सीआरपीएफ जवान की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजेश द्विवेदी, एसपी रामपुर