रामपुर। सावन के तीसरे सोमवार को रिमझिम बारिश के बीच बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। शिवालयों में एक के बाद एक भक्ति गीतों की रसधार बही। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर दूध-दही, भांग, धतूरा अर्पित कर जलाभिषेक किया। व्रती महिलाओं ने पूजन-अर्चन कर आरती पाठ किया।
सुबह छह बजे से शंख ध्वनि के बीच शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। भमरौआ स्थित प्राचीन पातालेश्वर मंदिर में शिवभक्तों ने गंगाजल, दूध, दही, बेलपत्र, पुष्प, भांग, धतूरा, शहद, फल और प्रसाद अर्पित कर शिवलिंग का जलाभिषेक किया।
पंजाब नगर स्थित ओम नागेश्वर मंदिर में सुबह चार बजे से जलाभिषेक के लिए भक्त कतारों में लगना शुरू हो गए थे। सुबह करीब आठ बजे तक यहां भक्तों की कतारें लग चुकी थीं। मंदिर कमेटी और पुलिस बल श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए भेज रहा था। श्रद्धालुओं ने ब्रजघाट से गंगाजल लाकर जलाभिषेक किया।
मिलक के रठौंडा मंदिर में भी भारी भीड़ रही। लोगों ने घंटों कतारों में लगकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। यहां लगे मेले में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। शाम को महिलाओं ने भजन गाकर महादेव की महिमा का गुणगान किया और प्रसाद वितरित किया।
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यहां भी हुआ जलाभिषेक
कोसी मार्ग स्थित शिव मंदिर, अजीतपुर पुर स्थित शिव मंदिर, कृष्णा बिहार स्थित शिव मंदिर, हाईवे स्थित शिव साईं मंदिर, खारीकुआं स्थित शिव मंदिर, जोकी राम की बगिया स्थित पुराना गंज स्थित माईं के थान, मुनीश्वर दत्त का मंदिर, पुराना गंज स्थित हरिहर मंदिर, मिस्टन गंज स्थित प्राचीन राधा कृष्णा मंदिर, न्यू आवास विकास कॉलोनी स्थित नर्मदेश्वर मंदिर, पुरानी आवास विकास शिव मंदिर, चीनी मिल गेट स्थित मनोकामना मंदिर, जिला पंचायत मार्ग स्थित शिव मंदिर समेत शहर के सभी मंदिरों में जलाभिषेक किया गया।