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लगातार हो रही बारिश ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी    

Mon, 24 Sep 2018 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
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 कई दिनों  से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। अब किसान अपनी खेतों में बची खुची बिछी धान  की फसल की काट कर समेटने में लग गए है । लगातार हो रही बारिश से किसानों के खेतों में पानी भरा होने एवं तेज हवा चलने से किसानों की धान की फसल खेतों में ही बिछ गई है। जिसके ऊपर पानी चल रहा है ।आसमान में काले बादलों को देख कर किसानों की चिंता ओर बढ़ गई है । अब किसान अपनी खेतों में बची खुची धान की फसल को काट कर बचाने में लगे है ।

तहसील क्षेत्र के गांव निवासी किसान चुन्नी लाल का कहना है कि उसने ठेके पर धान बोने के लिए जमीन ली थी ।खेत में खड़ी धान की फसल खेत मे पानी भर जाने के कारण पूर्ण रूप से  नष्ट होने के कगार पर है। उसने कर्ज लेकर धान की फसल की बुआई की थी । बारिश ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया ।अब उसे चिंता सताने लगी है कि वह कर्ज की अदायगी करेगा भी तो कैसे। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रभारी सरदार जरनैल सिंह ने प्रशासन से  धान की फसलों का सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
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वहीं, मिलक में बारिश और हवा से धान की फसल बर्बाद हो गई है। पिछले दो दिन से हो रही बारिश और चल रही तेज हवा से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। खेतों में पकी धान की फसल बारिश के साथ तेज हवा के कारण गिर गई। फसल के गिर जाने से किसानों को नुकसान की चिंता सता रही है। उधर, मिलकखानम में तेज हवा और बरसात से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।  धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। इस समय धान की फसल पकने को तैयार है। शनिवार से बरसात बरसात हो रही है क्षेत्र मे सोमवार को भी काफी बरसात हुई ।
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साथ में तेज हवा चली जिससे धान की फसल जमीन के साथ बिछ गई है और धान की बाली पानी में डूब गई। सबसे ज्यादा सरबती धान का नुकसान हुआ है। क्षेत्र में धान की फसल अगेती लगायी जाती है जो की ज्यादातर धान की फसल इस समय तैयार है। किसानों का कहना है की अगर बरसात जल्द बंद नही हुइ तो फसल पूरी तरह से खराब हो जाएगी।   वहीं, कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक युसूफ अली ने कहा कि जिले में बारिश से कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। जिससे किसान को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ेगा। लिहाजा सर्वे कर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
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