उत्तराखंड के जगतपुर बाजपुर निवासी घायल महिला बिमला पत्नी सूरज निजी बस से अपने तीन बच्चों के साथ मायके जा रही थी। इसी बीच हादसे में बेटे बॉबी की मौत हो गई। इस दौरान मां अपने बेटे की मौत से अनजान रही। वहीं, वह घायल बेटे शंकर, बेटी नैना के साथ चिकित्सालय में उपचार करा रही थी।
सीएचसी में रखे बालक के शव को जिसने भी देखा उसकी भी आंखें भर आईं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिला के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। इस पर वे लोग जिला चिकित्सालय पहुंच गये। वहीं नरपतनगर निवासी वृद्ध जहीदा और नगर निवासी वृद्ध महिला बफातन की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
हादसे के बाद जैसे ही घायल सीएचसी पहुंचे चारों तरफ चीख पुकार सुन चिकित्सक सहित स्वास्थ्यकर्मियों के हाथ पैर फूल गये। आनन फानन में घायलों का उपचार शुरू किया गया। गंभीर घायलों को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। सीएचसी में चिकित्सकों की कमी के चलते लोगों में आक्रोश दिखाई दिया।