जेल में 21 महिला बंदियों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में गीता ने आखिर फांसी कैसे लगा ली? इस सवाल पर जेल प्रशासन लापरवाही के आरोप से घिरता नजर आ रहा है। सुरक्षा में तैनात महिलाकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
जिला कारागार में शनिवार रात में हत्या के आरोप में जेल में बंद गीता ने दुपट्टे से लटककर फांसी लगा ली थी। गीता की मौत की जानकारी महिला बंदी को उस वक्त हुई थी जब वो शौच के लिए उठी थी। महिला बंदी की चीख सुनकर ही जेल कर्मियों को मामले की जानकारी हुई थी।
रात के वक्त ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी सो रही थीं। उन्हें फांसी लगाने की भनक तक नहीं लगी। प्रकरण की जानकारी मिलने के बाद डीआईजी जेल भी यहां पहुंची थीं, उन्होंने जांच पड़ताल की थी। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान डीआईजी ने महिला बंदियों के साथ ही जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों के भी बयान दर्ज किए थे।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में महिला सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई है। इनसे जवाब तलब किया जा रहा है। कर्मियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है। जेल अफसरों का कहना है कि इस मामले की जांच डीआईजी स्तर पर हो रही है। रिपोर्ट भेजी जा रही है।
भोट थाना क्षेत्र के केशो नगली गांव निवासी गीता के आत्महत्या कर लेने के मामले की अब न्यायिक जांच होगी। इस संबंध में जेल अफसरों ने जिला प्रशासन को जांच के लिए लिखा है। जिलाधिकारी ने इस मामले में जिला जज और सीजेएम को पत्र लिखकर न्यायिक जांच कराने की सिफारिश की है।