रेडिको खेतान डिस्टलरी में चार मजदूरों की मौत को पुलिस ने हादसा मानते हुए गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी है। पुलिस ने तफ्तीश बंद कर दी है और रिपोर्ट कोर्ट में भेज दी है। वहीं, इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच अभी जारी है।
गौरतलब है कि दो सितंबर 2015 को रेडिको खेतान डिस्टलरी में बायोगैस डाइजेस्टर टैंक की सफाई करते वक्त सात मजदूर मलबे में गिर गए थे। मजदूरों को मुरादाबाद के साईं अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल ले जाते समय ही चार मजदूरों निर्मल, नासिर, पप्पू और सुंदर की मौत हो गई थी। तीन मजदूरों का काफी दिनों तक इलाज चला।
चार मजदूरों की मौत को लेकर काफी बवाल मचा था। जिस गड्ढे में गिरकर मजदूरों के मरने की बात कही जा रही थी, उस पर भी सवाल उठे थे। जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। नगर विकास मंत्री आजम खां भी 13 सितंबर को डिस्टलरी गए थे।
मृत मजदूर निर्मल के भाई जयपाल ने रेडिको खेतान के महाप्रबंधक, उप प्रबंधक, यूनिट इंचार्ज और दो ठेकेदारों के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के पांच माह बाद पुलिस ने तफ्तीश पूरी कर ली। विवेचना सिविल लाइंस कोतवाली के पूर्व इंस्पेक्टर फहीम अहमद कर रहे थे।
इंस्पेक्टर ने अपनी जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि तफ्तीश के दौरान कोई भी ऐसा सुबूत हाथ नहीं लगा जिससे गैर इरादतन हत्या की बात साबित हो। उन्होंने हादसे में मजदूरों की मौत बात कहते हुए मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है।
मजदूरों के परिजन भी नहीं पहुंचे बयान दर्ज कराने
रामपुर (ब्यूरो)। डिस्टलरी प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच अभी चल रही है। मामले में अभी तक नौ गवाही हो चुकी है। सभी गवाह डिस्टलरी के मजदूर और अधिकारी हैं। बायोगैस डाइजेस्टर टैंक की सफाई करते वक्त मलबे में गिरकर मरने वाले किसी के मजदूर के परिजन ने सिटी मजिस्ट्रेट के पास बयान दर्ज नहीं कराया है। सिटी मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल का कहना है कि अभी इसकी जांच चल रही है, नौ लोग अपना बयान दर्ज करा चुके हैं।
डिस्टलरी में मार्च 2015 में आबकारी के दो सिपाहियों की मौत में भी पुलिस एफआर लगा चुकी है। मार्च महीने में होली कुछ दिन पहले डिस्टलरी में आबकारी के दो सिपाहियों की मौत हो गई थी। मामले में भी फैक्टरी के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आईजी के आदेश पर बदायूं पुलिस ने इस मामले की जांच की थी। बदायूं पुलिस ने इस मामले में एफआर लगा दी थी।