ढकिया गांव में मंगलवार की सुबह ग्रामीण दरवाजे पर मासूम बच्चे के साथ आग ताप रहा था। इसी बीच पड़ोस की दीवार भरभरा कर गिर गई। शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे लोगों ने मलबे को हटाया। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में बच्चे की मौत हो गई। मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
ढकिया गांव में मंगलवार सुबह सुखलाल कश्यप अपने घर के दरवाजे पर बैठा बच्चों के साथ आग ताप रहा था। इसी बीच अचानक उसके घर के सामने मौजूद बड़े भाई कल्लू के मकान की पक्की दीवार भरभरा कर गिर गई। इससे सुखलाल और उसका दो साल का बेटा महेश मलबे में दब गया। शोर मचने पर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े।
आनन फानन में लोगों ने दीवार के मलबे को हटाकर उसमें दबे सुखलाल और उसके बेटे महेश को बाहर निकाला। इस दौरान सुखलाल बुरी तरह से घायल हो चुका था, जबकि उसके पुत्र महेश की मौत हो गई थी। बच्चे की मौत होने से घर में कोहराम मच गया। घायल सुखलाल को परिजन चंदौसी ले गए हैं।
घटना की सूचना पर तहसीलदार प्रभुदयाल मौके पर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया और सरकारी सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया। पूर्व प्रधान जरीफ अहमद ने तहसीलदार से मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।