हजादनगर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर मंगलवार की सुबह बाइक को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। इससे बाइक पर सवार दंपति और उनके बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहजादनगर थाना क्षेत्र के गांव ककरौआ निवासी अनीस के बेटे यासीन (13) को कैंसर की बीमारी थी।
अनीस ने उसका कई जगह इलाज कराया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। अनीस मंगलवार की सुबह ककरौआ से गंज थाना क्षेत्र स्थित एक मजार पर आ रहा था। सुबह चार बजे वह अपनी पत्नी फरमीदा और बेटा यासीन के साथ बाइक से रामपुर आ रहा था। रास्ते में शहजादनगर थाना क्षेत्र में हाईवे पर किसी वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी।
इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान तीनों काफी देर तक घायल अवस्था में मौके पर पड़े रहे। बाद में राहगीरों ने उनको सड़क पर पड़े देखा। इस पर उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। जब तक पुलिस पहुंची तीनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने तीनों के शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजवा दिया।
इसके बाद परिजनों को हादसे के बारे में जानकारी दी। सूचना के बाद परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। अनीस के परिवार को शायद किसी की नजर लग गई थी। एक बेटा गंभीर रूप से बीमार चल रहा था तो दूसरे बेटे की कुछ दिन पहले ही धारदार हथियार से घायल होने से मौत हो गई थी। अनीस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी।
अनीस के परिवार के लोगों का कहना है कि एक सप्ताह पहले उसका करीब आठ साल का बेटा समी घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान एक ग्रामीण साइकिल के पीछे दरांती लगाकर कहीं जा रहा था। इसी बीच समी के गर्दन में दरांती लग गई थी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में उसकी मौत हो गई थी।
परिवार के लोगों ने कोई कार्रावाई नहीं की थी। अनीस, उसकी पत्नी और बेटे की मौत के बाद उसकी चार साल की बेटी शानवी और छह साल के बेटे भूरे का ध्यान कौन रखेगा। अनीस के परिवार के लोगों का कहना है कि बेटे को कैंसर होेने की जानकारी के बाद अनीस पांच साल से कई डाक्टरों से उसका इलाज करा चुका था।
सभी ने जवाब दे दिया था। इसके बाद भी वह आसपास के गांव के लोगों के कहे अनुसार वह धर्मस्थलों पर बच्चे को लेकर दुआ करने के लिए जाता था।