नीरज की हत्या के आरोप में पुलिस ने आरोपी प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है, लेकिन मौका-ए-वारदात मिले साक्ष्य कुछ और इशारा कर रहे हैं। पुलिस ऐसी आशंका जता रही है कि कहीं ये ऑनर कीलिंग तो नहीं है। एएसपी मोहम्मद तारिक का कहना है कि फिलहाल तो आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अगर जरूरी हुआ तो नीरज के परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। नीरज के परिजनों की माने तो उसे प्रेमी युवक ने फोन करके बुलाया था और उसकी हत्या कर दी, लेकिन नीरज की चप्पल उसकी चरपाई के पास पड़ी मिली है। ऐसे में सवाल उठाता है कि क्या कड़ाके की ठंड में बिना चप्पल पहने ही नीरज घर से बाहर चली गई थी?
इसके अलावा नीरज को उपले के जिस ढेर में जलाया गया है, वो उसके घर के पीछे ही है। अगर प्रेमी ने उसकी हत्या करके शव को उपले में डालकर जला दिया तो किसी को पता क्यों नहीं चला। परिजनों के मुताबिक प्रेमी ने उसकी हत्या करने के बाद शव को उपले की ढेर में डालकर जला दिया।
अगर उसकी हत्या किसी दूसरी जगह की गई थी कि एक अकेला युवक उसके शव को उपले के ढेर तक कैसे ले आया? क्या उसके साथ और लोग भी थे। ये कुछ ऐसे सवाल है जो नीरज की हत्या के मामले में कौंध रहे हैं। पुलिस इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी।
अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले में उसके परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। घटना की सूचना के बाद जब पुलिस फैजनगर गांव में पहुंची तो मौके पर किशोरी की अधजली लाश पड़ी थी। कुछ ही दूरी पर लोग बैठकर आग ताप रहे थे। किशोरी का शव इतनी बुरी तरह से जल चुका था कि उसे देखा भी नहीं जा सकता था।
लेकिन गांव के लोग वहां बैठकर आराम से आग ताप रहे थे। जैसे उन्हें किशोर की मौत का कोई गम नहीं हो। नीरज की मौत की राज पोस्टमार्टम में नहीं खुला है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा सुरक्षित रख दिया गया है। नीरज के अधजले शव का मंगलवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम दो डाक्टरों के पैनल ने किया।