भोट पुलिस ने दस दिन पहले अपहृत किए गए बालक को बरेली से बरामद कर लिया,जबकि उसके अपहरणकर्ता को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भोट थाना क्षेत्र के मुतियापुरा गांव निवासी गणपत उत्तराखंड के हल्द्वानी में मजदूरी करता है। वह अपने परिवार के संग वहीं रहता था। यहीं पर छत्तीसगढ़ के रायपुर के बालौत गांव निवासी सोनू गणपत के साथ राजगिरी का काम करता है। गणपत भोट थाना क्षेत्र के मुतियापुरा गांव में अपने भाई के यहां आयोजित देवी मां के जागरण के कार्यक्रम में आया था,जहां उसके साथ गणपत का साथी सोनू भी आया था।
चार दिसंबर को गणपत का चार साल के बेटे कार्तिक का अपहरण हो गया। चार दिन की तलाश के बाद भी जब बालक नहीं मिला तो उसके अपहरण का मुकदमा गणपत ने अपने साथी सोनू के खिलाफ भोट थाने में दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया है। एसपी डा.विपिन ताडा के मुताबिक अपहरण के इस मामले में छत्तीसगढ़ के रायपुर के बालोत गांव में रहने वाले सोनू को नामजद किया था। सोनू इसी गांव में आया हुआ था। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस ने सोनू की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की और फिर एक टीम ने छत्तीसगढ़ के रायपुर बालौत गांव में छापा मारा,जहां से सोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने अपहरण की बात को स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह जब छत्तीसगढ़ के लिए कार्तिक को ले जा रहा था तो कार्तिक बरेली स्टेशन पर ही छूट गया,जिसके बाद पुलिस ने बरेली जीआरपी से संपर्क साधा तो पता चला कि कार्तिक इस वक्त बरेली के सिविल लाइंस स्थित बेबी ओरफेंस में रह रहा है। इसके बाद पुलिस बरेली पहुंची,जहां से कार्तिक को भी बरामद कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोनू को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। कार्तिक को बरेली से ही उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।