पीपली वन से अवैध रूप से लकड़ी काट एकत्र कर वाहन में तस्करी को लेकर जाने की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा । इस दौरान वन तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की । अपने को घिरता हुआ देख वन तस्कर लकड़ी छोड़कर फायरिंग करते हुए अपने वाहनों को लेकर उत्तराखंड की ओर फरार हो गए।
पुलिस ने मौके से लगभग 150 क्विंटल खैर की लकड़ी, दो बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस ने अज्ञात वन तस्करों के खिलाफ पुलिस पार्टी पर हमला करने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।पीपली वन संपदा की सुरक्षा करने में वन विभाग नाकाम साबित हो रहा है।तस्कर हावी होते जा रहे है। बेशकीमती लकड़ी का कटान कर लगातार तस्करी कर रहे है।वन में आए दिन तस्करों और वन कर्मियों में फायरिंग की घटनाएं सामने आ रहीं है। पुलिस जंगल से काट कर तस्करी के लिए ले जाई जा रही लकड़ी को लगातार पकड़ रही है।
गुरुवार की रात्रि पुलिस को सूचना मिली कि उत्तराखंड के बार्डर से सटे तहसील क्षेत्र के गांव बेवख्ता के नदी से सटे जंगल में तस्करों द्वारा पीपली वन से खैर की लकड़ी का कटान कर तस्करी के लिए एकत्र कर वाहन में ले कर जाने की तैयारी की जा रही है। इस पर कोतवाल रविंद्र कुमार ,वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद कुमार पांडेय,दरोगा अरविंद भट्ट भारी पुलिस बल के साथ बेवख्ता के जंगल में छापा मारा। जैसे ही तस्करों ने पुलिस के वाहनों को आता देखा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाल फायरिंग शुरू कर दी ।दोनों ओर से फायरिंग होने लगी। फायरिंग के बीच वन तस्करों ने अपने को घिरा देखा तो वह फायरिंग करते हुए अपने वाहनों सहित उत्तराखंड की ओर फरार हो गए।
पुलिस ने मौके से 90 गोटे जिनका वजन 150 क्विंटल खैर की लकड़ी ,वन तस्करों की दो बाइक,एक मोबाइल बरामद किया और मामले से अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और सूचना वन विभाग को दी ।इस पर वन विभाग की टीम भी कोतवाली पहुंच गई और लकड़ी की जांच की ।वन क्षेत्राधिकारी माजिद इब्राहिम ने बताया कि पुलिस द्वारा खैर की लकड़ी पकड़े जाने की सूचना मिली है। वन टीम को मौके पर भेजा गया है। वन विभाग द्वारा तस्करों को चिंहित कर उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी । कोतवाल रविंद्र वर्मा ने बताया कि खैर की लकड़ी पकड़ने गई पुलिस टीम पर वन तस्करों ने फायरिंग की है। 10-15 अज्ञात वन तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।