सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले में बुधवार को गवाह के तौर पर मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव जवाहर लाल को गवाही देने पहुंचना था, लेकिन वो बीमार थे। लिहाजा इस मामले की सुनवाई टल गई। अब सुनवाई 30 अप्रैल को होगी। 31 दिसंबर 2007 की रात सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले में सात जवान शहीद हो गए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी। पुलिस और एटीएस की टीम ने हमले के 40 दिन बाद पाकिस्तानी आतंकियों समेत आठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की इन दिनों सुनवाई चल रही है।
बुधवार को सुनवाई थी। पुलिस ने बरेली सेंट्रल में बंद आरोपियों जंगबहादुर, शरीफ, गुलाब खां, कौसर खां समेत पांच को कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया। लखनऊ जेल में बंद तीन आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता दलविंदर सिंह ने प्रार्थना पत्र दिया कि मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव जवाहर लाल बीमार हैं। इस वजह से वो गवाही देने नहीं आ पाए हैं।
प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए एडीजे प्रथम राजेंद्र कुमार ने सुनवाई के लिए 30 अप्रैल की तारीख निश्चित की है। सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे।