क्षेत्र पंचायत प्रमुख के चुनाव की घोषणा के साथ ही अब प्रमुख पद पाने के
लिए सदस्यों के अपहरण की घटनाएं शुरू हो गई हैं। मिलक क्षेत्र की एक और
बीडीसी का अपहरण हो गया, लेकिन सदस्य नाटकीय अंदाज में रामपुर पहुंच गई।
उसने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर अपने अपहरण की बात को गलत बताया।
उसने पुलिस
के सामने साफ कहा कि उसका अपहरण नहीं हुआ है। फिलहाल मिलक पुलिस उसे अपने
साथ ले गई है।
ब्लाक प्रमुख के चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले भर में
इसके लिए जोड़तोड़ शुरू कर दिया गया है। ब्लाक प्रमुख बनने की रेस में
शामिल दावेदार अब सदस्यों को हर हाल में अपने पक्ष में वोटिंग कराने में
जुट गए हैं।
इसके लिए अपहरण के भी आरोप भी अब लगने लगे हैं। अपहरण का एक और
मामला मिलक क्षेत्र का सामने आया है। मिलक क्षेत्र के पुरैनिया गांव के
वार्ड 118 की सदस्य नन्ही पत्नी टीकाराम रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो
गई, जिसकी तहरीर उसके बेटे सर्वेश ने मिलक कोतवाली में दी थी।
उसने आरोप
लगाया था कि मौजूदा ब्लाक प्रमुख अर्चना गंगवार ने उनकी मां का अपहरण किया
है। पुलिस अभी मामले की जांच में जुटी हुई है। इस बीच बीडीसी नन्ही
देवी भाकियू के कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार को सिविल लाइंस कोतवाली पहुंची,
जहां उसने पुलिस के सामने साफ कहा कि उसका किसी ने कोई अपहरण नहीं किया
था।
वह अपनी मर्जी से दिल्ली चली गई थी। उस पर तमाम लोग ब्लाक प्रमुख के पद
के लिए वोटिंग करने का दबाव बना रहे थे। उसने इस संबंध में एक हलफनामा भी
दिया। मामले की जानकारी पाकर मिलक पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने
उक्त महिला को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया।
पुलिस महिला से पूछताछ कर रही
है। सीओ मिलक दिनेश कुमार शुक्ला कहना है कि उसके बेटे ने अपहरण की तहरीर
दी थी। बीडीसी सदस्य खुद ही पुलिस के पास आ गई हैं। मामले की जांच की जा
रही है।